बाढ़ आने के कारण और निवारण

By: Pankaj Kumar Last Edited: 07 Mar 2019 12:52 AM

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क्या आप बाढ़ आने के कारणों को जानना चाह रहे हैं ? अचानक इतना सारा पानी कहां से आ जाता है ? क्या आप सही कारणों को समझ कर उसके समाधान चाह रहे हैं ? 

अचानक बाढ़ आने की क्या स्थिति हो सकती है ? आपका गांव बाढ़ प्रभावित इलाके में है और आप अंदाजा लगाना चाहते हैं इस साल बाढ़ आएगा या नहीं ? इन सभी प्रश्नों का उत्तर आपको इस लेख में मिलेगा ! 

बाढ़ के कारण कई होते हैं , जिनमें प्रमुख हैं

अत्यधिक बारिश

अगर अत्यधिक बारिश लगातार कई दिनों तक हो तो बाढ़ जैसे हालात बंद हो जाते हैं ! जलवायु परिवर्तन के कारण मानसून की बारिश का पैटर्न तेजी से चेंज हो रहा है ! पूरे भारत में एक जैसे बारिश नहीं होते हैं कहीं पर बहुत ज्यादा हो जाता है तो कहीं पर बहुत कम !  

जिन स्थानों पर अत्यधिक बारिश हो जाता है वहां की नदियां पानी से भर जाती है ! नदी में उफान आने के कारण निचले इलाकों में पानी भर जाता है जिसे हम लोग बाढ़ की संज्ञा देते हैं ! 

अत्याधिक लगातार बारिश होने की स्थिति में आप सतर्क हो जाएं क्योंकि आपके क्षेत्र में बाढ़ कभी भी आ सकता है ! 

बांध एवं तट बंधुओं का टूटना

हमारी सरकार बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए बांध एवं तटबंधों का निर्माण करते हैं ! जो मुख्यता बड़ी नदियों के किनारे होता है ! पानी का दबाव ज्यादा होने पर यह बांध टूट जाता है ! जिससे अपने इलाकों में पानी घुस जाता है और बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो जाते है !

हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट, इलेक्ट्रिसिटी पैदा करने के लिए बनाया जाता है ! पानी को जमा करने के लिए बहुत ऊंचा और लंबा बांध बनाया जाता है ! बांध अचानक टूटने या ज्यादा पानी छोड़ने से निचले इलाकों में बाढ़ आने का खतरा बना रहता है! 

सुनामी और भूकंप से भी बाढ़ आता है

सुनामी से समुद्र में पानी के बड़े तरंग बनते हैं पानी का नये क्षेत्र में आगमन हो जाता है ! भूकंप से भी बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो जाते हैं क्योंकि भूकंप में नए नदियों का निर्माण भी हो जाता है !

पहाड़ी क्षेत्रों में असामान्य बारिश

भारत का ज्यादातर नदियों का उत्पति पहाड़ों से होती है जो मैदानी क्षेत्र को कर समुद्र की ओर जाती है ! जब पहाड़ों पर असामान्य बारिश होती है तो नदियों में उफान आ जाता है ! जिसका पानी मैदानी क्षेत्र में फैल जाता है जिस से बाहर की समस्या उत्पन्न हो जाती है  !

बादल के फटने से

वातावरण की उचित दबाव के कारण बादल पृथ्वी के सतह से ऊपर रहता है ! जब कभी वातावरण की दबाओ अचानक कम हो जाता है गुरुत्वाकर्षण के कारण बादल नीचे गिर जाता है ! जिसे बादल फटने की घटना कहते हैं ! बादल के फटने से अचानक बाढ़ आ जाता है !

बादल फटने की घटना ज्यादातर पहाड़ी इलाके में ही होता है ! कुछ ही मिनटों में 10 से 15 फीट तक पानी अचानक जमा हो जाता है !

दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप को बाढ़ के कारण अब अच्छे से समझ में आ गया होगा ! बाढ़ के निवारण के लिए पर्यावरण का संरक्षण आवश्यक है ! हमारी सरकार को तटबंधों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना चाहिए !