राजनीति क्या है जानें बिहार का राजनीतिक इतिहास से

By: Abuzar Niyazi Last Edited: 07 Mar 2019 02:35 AM

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राजनीति क्या है ? इसे समझना इतना आसान नहीं है इसीलिए इस लेख को अगर आप पूरा करेंगे तभी आपको समझ आएगा कि राजनीती वाकई क्या है !

राजनीति को इंग्लिश में पॉलिटिक्स करते हैं जबकि ग्रीक में Politiká कहते हैं और इस शब्द का मतलब होता है “शहरों के मामलों” ! राजनीति शब्द, दो शब्दों मेल से बना है 'राज' और 'नीति' !

राजनीति की परिभाषा क्या है

“यह एक प्रक्रिया है जिसमें मानव जाति की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए लोगों द्वारा लिया गया सामूहिक निर्णय को कहते हैं “

“किसी देश या क्षेत्र के प्रशासन से जुड़ी गतिविधियां, विशेष रूप से शक्ति वाले दलों के बीच बहस”

“गतिविधियों का उद्देश्य किसी की स्थिति में सुधार करना या संगठन के भीतर बढ़ती शक्तियों को बढ़ाना “

“यह एक मानवीय समुदाय, विशेष रूप से एक राज्य पर शासन-संगठित नियंत्रण के पदों को प्राप्त करने और उनका प्रयोग करने के लिए संदर्भित करता है”

“एक समूह के सदस्यों पर लागू होने वाले निर्णय लेने की प्रक्रिया है “

आज की राजनीति और लोकतंत्र

आज के समय लोग राजनीति को लोकतंत्र से जोड़कर देखते हैं जिससे कि उसका मतलब ही बदल जाता है ! सत्ता के लिए राजनीति राजा महाराजाओं के बीच भी देखा गया है !

लेकिन लोकतंत्र के संदर्भ में राजनीति का मतलब थोड़ा अलग है ! आज के नेता ऐसे राजनीति करते हैं जिससे उसका वोट बैंक तैयार होता है और उसे चुनाव में जिता-कर सत्ता दिया जाता है !

फिर चुने हुए नेता अपने जनता से किये वादों को पूरा करने की कोशिश करता है! अगर आपको अभी राजनीति समझ में नहीं आया तो आपको इसके लिए मैं बिहार के राजनीतिक इतिहास से रूबरू कराना चाहता हूं !

बिहार का राजनीतिक इतिहास 70 सालों में कैसा रहा है

आजादी के पहले चार दशकों में कांग्रेस का शासन रहा था और आखिर के दशकों में क्षेत्रीय पार्टियों का शासन रहा है !

कहा जाता है कि केंद्र में सरकार बनाने का रास्ता यूपी और बिहार से गुजरता है, उसमें बिहार का राजनीतिक इतिहास काफी अनोखा एवं इतिहासिक रहा है !

यह भी माना जाता है कि दुनिया का पहला लोकतंत्र बिहार के वैशाली में जन्म लिया था और आजादी के समय बिहार भारत का एक कुशल राज्य माना जाता था ! आज की स्थिति आप जानते हैं !

बिहार का राजनीतिक इतिहास में जाति-धर्म, वर्चस्व एवं ब्रांड का अहम रोल रहा है ! अंग्रेजों के समय जो जमींदार रहे थे वह अब वह वर्ग राजनीति में शामिल हो गये हैं !

बिहार के राजनीतिक इतिहास को दो भागों में बांटा जा सकता है

  • कांग्रेस पार्टी का शासन - 1947 - 1989
  • गैर कांग्रेसी पार्टी का शासन - 1989 - अब तक

बिहार में कांग्रेस पार्टी का शासन

1947 से लेकर 1989 यानी कि आजादी के बाद बिहार के पहले 42 वर्षों में ज्यादातर समय बिहार का सत्ता कांग्रेस के हाथों में रहा है ! इन वर्षो में गैर कांग्रेसी बिहार में सिर्फ दो मुख्यमंत्री बने जिसका नाम श्री महामाया सिन्हा (1967, लगभग 1 साल) एवं श्री कर्पूरी ठाकुर (1970, लगभग 7 महीने , 1977, लगभग 18 महीने ) था !

कांग्रेस पार्टी से बने बिहार के मुख्यमंत्री के नाम

  1. कृष्ण सिंह - जनवरी 1946  से जनवरी 1961
  2. दीप नारायण सिंह - फरवरी 1961 से फरवरी 1961   
  3. बिनोदानंद झा - फरवरी 1961 से अक्टूबर 1963
  4. के बी सहाय - अक्टूबर 1963 से मार्च 1967   
  5. सतीश प्रसाद सिंह - जनवरी 1968 से फरवरी 1968   
  6. बी पी मंडल - 1 फरवरी 1968 से 22 फरवरी 1968   
  7. भोला पासवान - फरवरी 1968 से जून 1968   
  8. हरिहर सिंह - फरवरी 1969 से जून 1969   
  9. भोला पासवान - जून 1969 से जुलाई 1969   
  10. दरोगा राय - फरवरी 1970  से दिसंबर 1970   
  11. भोला पासवान - जून 1971 से जनवरी 1972   
  12. केदार पांडे - मार्च 1972 से जनवरी 1973   
  13. अब्दुल गफूर - जुलाई 1973 से अप्रैल 1975   
  14. डाक्टर जगन्नाथ मिश्र - अप्रैल 1975 से अप्रैल 1977   
  15. रामसुंदर दास -अप्रैल 1979 से फरवरी 1980   
  16. डाक्टर जगन्नाथ मिश्र - जून 1980 से अप्रैल 1983   
  17. चंद्रशेखर सिंह - अगस्त 1983 से मार्च 1985   
  18. बिंदेश्वरी दुबे - मार्च 1985 से फरवरी 1988   
  19. भागवत झा आजाद - फरवरी 1988 से मार्च 1989   
  20. सत्येंद्र नारायण सिन्हा - मार्च 1989 से दिसंबर 1989   
  21. डाक्टर जगन्नाथ मिश्र - दिसंबर 1989 से मार्च 1990   

बिहार का पहला मुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी से बना था जिसका नाम श्री कृष्ण सिंह था ! श्री कृष्ण सिंह बिहार के पहले कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे और अंतिम मुख्यमंत्री कांग्रेस का डाक्टर जगन्नाथ मिश्रा थे !

पिछले 27 सालों से कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री बिहार में नहीं बन पाया है ! राजनीतिक पंडित मानते हैं कि बिहार के राजनीति में ज्यादातर कांग्रेसी मुख्यमंत्री उच्च जाति से आते थे!

गैर कांग्रेसी पार्टी का बिहार में शासन

बिहार में गैर कांग्रेसी शासन लाने का श्रेय कर्पूरी ठाकुर का जाता है जो दलित और पिछड़े समाज की आवाज़ बने थे !

आजादी के बाद बिहार में सबसे बड़ा छात्र आंदोलन हुआ था जो पूरे देश की आवाज बनाता जिसका नेतृत्व श्री जयप्रकाश नारायण ने किया था !

लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार एवं रामविलास पासवान का भी जन्म इसी आंदोलन से हुआ था ! बिहार की सत्ता अब इन्हीं तीनों के इर्द-गिर्द घूमती है

भूमिहारों-राजपूतों और ब्राह्म्णों (ब्राह्मण 5.7%, राजपूत 5.2% व भूमिहार 4.7%) वह सत्ता से दूर करने का पूरा श्रेय श्री लालू प्रसाद यादव को जाता है !

जिन्होंने यादव मुस्लिम एवं दलित ( पिछड़ी जाति 21.1%, मुस्लिम 14.7%, यादव 14.4% महादलित 10%) का समीकरण तैयार किया था ! नीतीश कुमार सुशासन बाबू के रूप में उभरे जो बिहार के लोगों का अभी भी पसंद बने हुए हैं !

गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के नाम
  1. महामाया सिन्हा - मार्च 1967 - जनवरी 1968    से - जन क्रांति दल
  2. कर्पूरी ठाकुर - दिसंबर 1970 से जून 1971 - सोशलिस्ट पार्टी
  3. कर्पूरी ठाकुर  - जून 1977    से अप्रैल 1979 - जनता पार्टी
  4. लालू प्रसाद यादव - मार्च 1990 से मार्च 1995 - जनता दल
  5. लालू प्रसाद यादव - अप्रैल 1995 से जुलाई 1997 - राजद
  6. राबड़ी देवी - जुलाई1997 से फरवरी 1999 - राजद
  7. राबड़ी देवी - मार्च 1999 से मार्च 2000 - राजद
  8. नीतिश कुमार - 3 मार्च 2000 से 10 मार्च 2000 - जदयू
  9. राबड़ी देवी  - मार्च 2000 से फरवरी 2005 - राजद
  10. नीतिश कुमार - 24 नवंबर 2005 से 24 नवंबर 2010 - जदयू
  11. नीतिश कुमार - 25 नवंबर 2010 से 19 मई 2014 - जदयू
  12. जीतन राम मांझी - 20 मई 2014 से 21 फरवरी 2015 - जदयू
  13. नीतीश कुमार - 22 फरवरी 2015 से 19 नवंबर 2015 - जदयू
  14. नीतीश कुमार - 20 नवंबर 2015 से 26 जुलाई 2017 - महागठबंधन (जदयू राजद काँग्रेस)
  15. नीतीश कुमार - 27 जुलाई 2017 से वर्तमान - जदयू भाजपा
बिहार के भविष्य का राजनेता कौन होगा

मौजूदा समय में बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार हैं जबकि उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी हैं ! अभी जदयू एवं भाजपा की सरकार है ! जबकि इससे पहले नीतीश कुमार राजद एवं कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे !

लालू प्रसाद यादव एवं रामविलास पासवान के बेटे राजनीति में स्थापित हो चुके हैं ! आजादी के पहले चार दशक तक सत्ता कांग्रेस के पास रहा उसके बाद क्षेत्रीय पार्टियों के हाथ में रहा है और आने वाले समय में क्या सत्ता भारतीय जनता पार्टी के पास रहेगा ?

क्या बिहार की राजनीति भविष्य में जाति धर्म को छोड़कर विकास की ओर बढ़ेगा यह तो आने वाले समय ही बताएगा ! उम्मीद करता हूं कि आप को what is politics in hindi समझ में आ गया होगा !