हिंदी में पत्र लेखन

By: M. S. Nashtar Last Edited: 02 Mar 2019 03:33 AM

हिंदी में पत्र लेखन, औपचारिक पत्र, अनौपचारिक पत्र, पत्र लेखन नमूना

औपचारिक पत्र और अनौपचारिक पत्र

हिंदी में पत्र लेखन करें, तो रखें इन बातों का ध्यान और नीचे तक जरूर पढ़ें ! 

हिंदी में पत्र लेखन भी अंग्रेजी भाषा की तरह ही होता है, लेकिन कुछ बातों को ध्यान में रखना अति आवश्यक है ! हर भाषा के व्याकरण में थोड़ा बहुत भिन्नता होना आवश्यक है ! यह लेख परीक्षार्थियों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी बहुत उपयोगी है, कृपया आखिर तक ज़रुर चेक कर लें !

वार्तालाप

पत्र लिखते समय आप को यह ध्यान रखना है की जो पत्र आप लिख रहे हैं पढ़ने वाले को कितना समझ में आएगा ! क्योंकि जब कोई पत्र पढ़ता है तो आप वहां पर नहीं होते हैं ! आपका पत्र लेखन ऐसा हो कि आप उसके सामने नहीं होते हुए भी उसको अनुभव दिलाते हैं कि मैं आपके पास हूं !

सरलता
सरल भाषा का उपयोग हमेशा अच्छा माना जाता है ! लेकिन जटिल शब्दों का प्रयोग व उलझे हुए वाक्य पाठक को निरर्थक एवं उबाऊ बना देते हैं !

निश्चयात्मकता

आपके पत्र में होनी चाहिए यदि पाठक को पत्र पढ़ने के बाद कोई शंका या दुविधा बनी रहती है तो पत्र लिखने का सारा उद्देश्य ही खत्म हो जाता है !

संक्षिप्तता

संक्षिप्तता से अपनी पूरी बात लिखना ही अच्छा पत्र लेखन माना जाता है ! किसी आप बड़े परीक्षा में पत्र लेखन प्रश्न का उत्तर लिख रहे हैं तो भी ध्यान रहे कि, किसी बात को आप दोबारा तो नहीं लिख रहे हैं !

व्याकरण

पत्र लेखन में भी व्याकरण का महत्वपूर्ण स्थान है ! अगर आप व्याकरण में गलती करेंगे तो आपके द्वारा लिखे गए पत्र को अच्छा माना नहीं जा सकता है ! पत्र लिखते समय वाक्यों के व्याकरण पर ध्यान जरूर रखें !

पत्र लेखन के प्रकार

यह भी तय करना आवश्यक है कि यह पत्र आप अपने किसी मित्र या से सहयोगी को लिख रहे हैं या किसी कार्यालय से संपर्क स्थापित करने के लिए लिख रहे हैं ! पत्र लेखन को दो वर्गो में विभाजित किया जा सकता है -

Patra ke Prakar

  • अनौपचारिक पत्र
  • औपचारिक पत्र

अनौपचारिक पत्र किसे कहते हैं 

अनौपचारिक पत्र, हिंदी में पत्र लेखन में ध्यान रखें की जिसको आप पत्र लिख रहे हैं उनसे आपका निजी परिचय है और उनसे व्यक्तिगत संबंध भी हैं ! इस तरह के पत्र लेखन में व्यक्तिगत सुख-दुख का ब्योरा एवं विवरण के साथ व्यक्तिगत संबंध को उल्लेख किया जाता है !

अपने परिवार के लोग मित्र एवं निकट संबंधियों को इस तरह के पत्र लिखे जाते हैं !

औपचारिक पत्र किसे कहते हैं 

औपचारिक पत्र, हिंदी में पत्र लेखन में ध्यान रखें की जिसको आप पत्र लिख रहे हैं उनसे आपका कोई निजी परिचय नहीं है ! यदि आपका व्यक्तिगत लगाव या परिचय भी हो तो लेखन में वह व्यक्त नहीं होना चाहिए ! औपचारिक पत्र लेखन में मुख्यतः संदेश, सूचना एवं तथ्यों का ही अधिक महत्व दिया जाता है !

इस प्रकार के पत्र संस्था के अधिकारी एवं कार्यालय के अधिकारी को लिखा जाता है !

पत्र लेखन नमूना

अनौपचारिक पत्र - पत्र लेखन नमूना

पत्र लेखन प्रारूप (फॉरमैट) पर ध्यान देना आवश्यक है जो आपके पत्र लेखन को बिल्कुल आसान बना देता है ! एक पुत्र अपने पिता जी को कैसे पत्र लिखता है, उदाहरण से समझाता हूं ! पत्र के तीन भागों को अलग-अलग रंगों से रेखांकित किया गया है, इस पर ध्यान दें ताकि दूसरा अनौपचारिक पत्र आप आसानी से लिख सकें !

अनौपचारिक पत्र लेखन में

  • शीर्ष भाग में पता, दिनांक, संबोधन और प्रशस्ति आते हैं !
  • मध्य भाग में संदेश व कथा का विवरण होता है! 
  • अंतिम भाग आभार सूचक वाक्य जैसे आप का, प्रणाम, धन्यवाद आदि का प्रयोग किया जाता है !

पिताजी को पत्र - अनौपचारिक पत्र Format

स्थान का नाम ………

तिथि …………

पूजनीय पिता जी,

सादर प्रणाम

कल ही संध्याकालीन भारतीय डाक से आपका पत्र मिला ! आप सभी का कुशल-क्षेम जानकर अत्यधिक प्रसन्नता हुई ! यहां पर गौरव एवं मीनाक्षी ठीक हैं !

आपने अपने पत्र में परीक्षा की तैयारी के विषय में पूछा था ! आपको बता दूं कि हमारी तैयारी पूरी हो चुकी है जो भी बचा है मैं समय रहते पूरा कर लूंगा ! हमें कुछ और पुस्तक खरीदने की आवश्यकता है जो हमारी प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए उत्तम सिद्ध हो सकता है !

मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि ₹10,000 हमें भेज दें ! मैं उससे पुस्तक खरीद लूंगा !

शेष सब कुशल है ! माता-जी, बुआ आदि को मैं और मेरे मित्र उनको प्रणाम कहते हैं !

आपका सदैव आज्ञाकारी पुत्र

नाम………

औपचारिक पत्र - पत्र लेखन नमूना

औपचारिक पत्र लेखन में आवेदन / प्रार्थना पत्र, नौकरी के लिए आवेदन पत्र, सरकारी / अर्ध सरकारी संस्थाओं के लिए आवेदन पत्र  और संपादक के नाम आवेदन पत्र शामिल है ! इन सभी प्रकार के पत्र को कैसे लिखा जाए आपको उदाहरण देकर समझाता हूं !

पत्र लेखन प्रारूप पर ध्यान देना आवश्यक है जो आपके पत्र लेखन को आसान बना देता है ! 

औपचारिक पत्र लेखन में

  • शीर्ष भाग में पत्र-प्रेक्षक का पता बायीं ओर लिखा जाता है तथा पत्र-प्रेषक अपना नाम के नीचे स्वनिर्देशि के बाद लिखते हैं !
  • मध्य भाग में संदेश का विवरण होता है !
  • अंतिम भाग आभार सूचक वाक्य जैसे धन्यवाद आदि का प्रयोग किया जाता है ! 

पोस्ट मास्टर के नाम औपचारिक पत्र 

परीक्षा भवन

नई दिल्ली

दिनांक - 20 जनवरी 2019

डाकपाल महोदय

संसद मार्ग

नई दिल्ली

प्रिय महोदय,

विषय - रजिस्ट्री पत्र प्राप्त ना होने की शिकायत

डाकपाल महोदय का निवेदन के साथ ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि, मैंने 20 दिसंबर 2018 को अपने पिता के नाम एक पत्र रजिस्ट्री के द्वारा भेजा था ! किंतु उसे एक महीने के बाद भी प्राप्त नहीं हो पाया है !

मैंने अपने गांव स्थित डाकघर से भी संपर्क स्थापित करने का प्रयत्न किया था ! वहां के डाक मास्टर ने बताया कि इस तरह का हमें कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है ! रजिस्ट्री पत्र का रसीद नंबर 234 है जो 20 दिसंबर 2018 को भेजा गया था ! रशीद का फोटो स्टेट कॉपी पत्र के साथ संलग्न है !

आपसे प्रार्थना है कि इस संबंध में आवश्यक जांच पड़ताल कर के मुझे मामले की वास्तविक स्थिति से अवगत किया जाए !

धन्यवाद

भवदीय

कुलदीप कुमार झा

 

पत्र लेखन नमूना  - निवास प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र

हिन्दी सरकारी पत्र लेखन में निवास प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र, आय प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र, जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन, और शासकीय पत्र लेखन आदि शामिल है ! अक्सर लोगों का यह प्रश्न होता है कि आवेदन पत्र कैसे लिखे !

 

निवास प्रमाण पत्र के साथ स्वयं शपथ पत्र देना आवश्यक होता है, नीचे के चित्र में दोनों नमूने को आप देख सकते हैं !

 

आय प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र

 

 पत्र लेखन नमूना - निवासी प्रमाण पत्र

पत्र लेखन नमूना - आय प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र

पत्र लेखन नमूना - आय प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र

 

पत्र लेखन नमूना - जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन

पत्र लेखन नमूना - जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन

नोट - आज के समय हमारी सरकार भी हमारी सुविधा के लिए काफी तात्पर्य है इस तरह के आवेदन पत्र, आपको सरकारी ऑफिस में फ्री में उपलब्ध होता है जिसको आप भरकर जमा कर सकते हैं या फिर सरकार के वेबसाइट से डाउनलोड कर कर के, प्रिंट आउट निकाल सकते हैं और उस से भर कर संबंधित कार्यालय में जमा कर सकते हैं !

अगर इन दोनों सुविधाओं में से कोई भी सुविधा उपलब्ध ना हो तो ऊपर के नमूनों को देखकर आप पेपर पर लिक सकते हैं और उसमें संबंधित जानकारी देकर कार्यालय में जमा कर सकते हैं ! 

दोस्तों,  उम्मीद करता हूं कि आप को औपचारिक  व अनौपचारिक पत्र  लेखन और Patra Lekhan से संबंधित लेख पसंद आया होगा !  इससे संबंधित लेख के लिंक नीचे दिए गए हैं ,  कृपया इसे जरूर पढ़ें  !