UPSC in Hindi

Upsc in hindi

UPSC in Hindi या यूपीएससी शब्दों के जरिए, अगर आप संघ लोक सेवा आयोग की संपूर्ण जानकारी चाहते हैं तो मैं कह सकता हूं कि आप के लिए यह एक बेहतरीन लेख है !

इस लेख में क्या है - यूपीएससी क्या है ?  यूपीएससी इतिहास क्या है ? क्या आईएएस के अलावा यूपीएससी अन्य परीक्षाओं का भी आयोजन करता है ? और भी महत्वपूर्ण जानकारी इस लेख में है, कृपया इस लेख को अंत तक जरूर देखें !

यूपीएससी क्या है

यूपीएससी

यूपीएससी पूरा नाम यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन है इसको अंग्रेजी में Union Public Service Commission (UPSC) लिखते हैं !

यूपीएससी को हिंदी में संघ लोक सेवा आयोग कहते हैं, जो एक संवैधानिक निकाय है और भारत सरकार के लिए लोक-सेवा के पदाधिकारियों की नियुक्ति हेतु परीक्षाओं का आयोजन-कर्ता है !

  • UPSC Full Form - Union Public Service Commission
  • UPSC Full Form in Hindi - यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (संघ लोक सेवा आयोग)

यूपीएससी के आयोग के गठन या हटाने करने का पावर सिर्फ भारत के राष्ट्रपति को है ! अगर कोई आयोग पद छोड़ना चाहता है तो उसे भारत के राष्ट्रपति के सामने अपना त्यागपत्र प्रस्तुत करना पड़ता है !

संघ लोक सेवा आयोग का इतिहास

संघ लोक सेवा आयोग की शुरुआत ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत के लिए योग्यता आधारित सिविल सेवा परीक्षा की अवधारणा 1854 में लॉर्ड मेकाले रिपोर्ट से शुरू हुआ था !

1855 में पहली बार सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन लंदन में हुआ था ! इस परीक्षा के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष थी जबकि अधिकतम आयु मात्र 23 वर्ष रखी गई थी ! कई दशकों तक इस परीक्षा का आयोजन सिर्फ लंदन में होता था और पास परीक्षार्थियों का ट्रेनिंग हेलीबरी कालेज में होता था !

पहली बात कि इस परीक्षा का आयोजन भारत में नहीं होता था और परीक्षा में ज्यादातर प्रश्न यूरोप से संबंधित होता था जिससे भारतीयों का सलेक्शन होना लगभग नामुमकिन था !

1864 में पहली बार सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले पहले भारतीय का नाम स्त्येन्द्र नाथ टेगोर था जो रबीन्द्रनाथ ठाकुर बड़े भाई थे !

भारत सरकार अधिनियम 1935 के प्रावधानों के बाद, 1 अप्रैल 1937 को लोक सेवा आयोग, फेडरल लोक सेवा आयोग बन गया !

26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 378 खंड (1) के आधार पर संघीय लोक सेवा आयोग गठन हो गया !

संघ लोक सेवा आयोग कौन-कौन सी परीक्षाओं

का आयोजन करता है

 संघ लोक सेवा आयोग

ज्यादातर लोगों को लगता है कि संघ लोक सेवा आयोग सिर्फ सिविल सर्विस परीक्षाओं का आयोजन करता है, अगर आप ऐसा सोचते हैं तो गलत है ! संघ लोक सेवा आयोग इन परीक्षाओं का आयोजन करता है -

  1. सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा (मई ) व (मेंस) परीक्षा (अक्टूबर / नवम्बर)
  2. सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा (दिसम्बर)
  3. भारतीय वन सेवा परीक्षा (जुलाई)
  4. अनुभाग अधिकारी / आशुलिपिक (ग्रेड - ख / ग्रेड 1)
  5. इंजीनियरी सेवा परीक्षा (जुलाई)
  6. सम्मिलित चिकित्सा सेवा परीक्षा (फरवरी)
  7. भू-विज्ञानी परीक्षा (दिसम्बर)
  8. सम्मिलित रक्षा सेवा परीक्षा (मई व अक्टूबर)
  9. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा (अप्रैल व सितम्बर)
  10. स्पेशल क्लास रेलवे अप्रेंटिसेज़ परीक्षा (अगस्त)
  11. भारतीय अर्थ सेवा / भारतीय सांख्यिकी सेवा परीक्षा (सितम्बर) 

भारत ही नहीं दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित आयोग में से एक है संघ लोक सेवा आयोग क्योंकि इनके द्वारा आयोजित परीक्षाओं से बनने वाले आईएएस-आईपीएस अपने मेरिट का लोहा पूरा दुनिया को मनवा चुके हैं !

आईएएस आईपीएस की नियुक्ति सिविल सेवा यानी सिविल सर्विस परीक्षाओं से होती है जबकि अन्य 10 ऐसी परीक्षाओं का आयोजन होता है जिनके बारे में कम लोगों को पता होता है ! अन्य 10 परीक्षाओं को भी पास करके आईएएस-आईपीएस जैसा चमक वाला केरियर बनाया जा सकता है !

सिविल सर्विस परीक्षा की संक्षिप्त जानकारी

UPSC द्वारा आयोजित  सिविल सर्विस परीक्षा को पास कर के आप बन सकते हैं IAS / IPS / IRS / IFS. सामाजिक सम्मान एवं मान्यता के साथ-साथ अच्छे वेतन, अन्य सुविधाओं के साथ ही करियर की सुरक्षित है क्योंकि अधिकारियों की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है, साथ ही इन्हें हटाने या बर्खास्त करने का अधिकार भी राष्ट्रपति को ही है !

योग्यताएं

आयु सीमा : इस परीक्षा में भाग लेने वाले सामान्य वर्ग के लिए आयु सीमा 21-32 वर्ष है। ओबीसी वर्ग के आवेदकों के लिए इसमें 3 वर्ष की अधिकतम सीमा में छूट है जबकि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए 5 वर्षों का छूट है  ! 

शैक्षिक योग्यता : इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी को स्नातक या समकक्ष होना आवश्यक है, फाइनल इयर के छात्र भी आवेदक हो सकते हैं। भारत का नागरिक होना आवश्यक है।

परीक्षा का पैटर्न

यह परीक्षा दो चरणों में ली जाती है। प्रथम चरण में प्रारंभिक परीक्षा और द्वितीय चरण में मुख्य परीक्षा।

प्रारंभिक परीक्षा : इस परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होते हैं -

  • सामान्य अध्ययन (50 अंक)। इसमें प्रश्नों की संख्या 150 होती है और इसके लिए 120 मिनट का समय दिया जाता है।
  • वैकल्पिक विषय - (300 अंक का) जीएस की तरह ही यह ऑब्जेक्टिव टाइप का होता है और इसमें 120 प्रश्न होते हैं। इसके लिए भी 120 मिनट का समय निर्धारित है!

मुख्य परीक्षा

प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले को ही मुख्य परीक्षा शामिल किया जाता है! मुख्य परीक्षा : इस चरण के दो भाग हैं-लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार।

प्रयासों की संख्या
सामान्य वर्ग के प्रत्येक अभ्यर्थी को 6 चान्स दिए जाते हैं। ओबीसी वर्ग के लिए परीक्षा में सफल होने के लिए 9 चान्स दिए जाते हैं!

कौन से विषय का चुनाव कर सकते हैं

संघ लोक सेवा आयोग के नियमों के अनुसार यह कतई जरूरी नहीं है कि सिविल सेवा परीक्षा में ग्रेजुएशन में पढ़े गए विषयों का चयन किया जाए। प्रत्याशियों के समक्ष अपनी इच्छा से कोई दो विषय लेने की छूट है।

लोक सेवा आयोग द्वारा वर्तमान में 26 विषयों और 30 भाषाओं के साहित्य से वैकल्पिक विषय का चयन किया जा सकता है, परन्तु भाषा से एक ही भाषा ली जा सकती है। इसके साथ ही कुछ विषयों को भी एक साथ रखने पर प्रतिबंध है जैसे-प्रबंध विषय के साथ लोक प्रशासन का लिया जाना या फिर गणित के साथ सांख्यिकी विषय।

ट्रेनिंग पीरियड
सिविल सेवा परीक्षा में अन्तिम रूप से चयनित उम्मीदवार को 2 से 3 साल तक की ट्रेनिंग पीरियड से गुजरना है! सेलरी और सुविधाए ट्रेनिंग पीरियड भी मिलता है!

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