परवीन तल्हा - भारत की प्रथम मुस्लिम महिला सिविल सर्वेंट

About Author: M. S. Nashtarkk

Last Edited: 08 Jul 2019 12:36 AM

परवीन तल्हा - भारत की प्रथम मुस्लिम महिला सिविल सर्वेंट

कौन सी मुस्लिम महिला ने सिविल सर्विस परीक्षा पहली बार पास किया था ? परवीन तल्हा पहली बार भारतीय इतिहास में सिविल सर्विस परीक्षा में चयनित हुई थी.

कौन सी मुस्लिम महिला ने सिविल सर्विस परीक्षा पहली बार पास किया था ? परवीन तल्हा पहली बार भारतीय इतिहास में सिविल सर्विस परीक्षा में चयनित हुई थी. भारत सरकार का सबसे चौथा बड़ा पुरस्कार, पद्मश्री 2014 में भारत की प्रथम महिला सिविल सर्वेंट परवीन तल्हा को मिला है.

आइए जानते हैं कौन हैं परवीन तल्हा

परवीन तल्हा का जन्म भारत में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ था. उनके पिता, मोहम्मद तल्हा एक स्वतंत्रता सेनानी और जाने माने वकील थे. उनके अपने सगे चाचा विभाजन के समय भारत छोड़कर पाकिस्तान में जाकर बस गए.

परवीन ने अपनी स्कूली शिक्षा लोरेटो कॉन्वेंट हाई स्कूल से की, जहाँ से उन्होंने सीनियर कैम्ब्रिज प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और लोरेटो कॉलेज में कॉलेज की पढ़ाई जारी रखी. लखनऊ विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए पास करने के बाद, परवीन 1965 में व्याख्याता के रूप में विश्वविद्यालय में शामिल हो गईं.

परवीन तल्हा ने 1965 में लखनऊ विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के व्याख्याता के रूप में अपना करियर शुरू किया, जहाँ उन्होंने 1969 तक काम किया. जिस वर्ष उन्होंने भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा पास की। वह 1969 में भारतीय राजस्व सेवा में शामिल हुईं, राजस्व सेवा में प्रवेश करने वाली पहली मुस्लिम महिला बनीं. बाद में, उन्होंने मुंबई और कोलकाता के आयुक्तों और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्तालय में भी कार्य किया.

परवीन तल्हा प्रतिष्ठित सेवा के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हैं, जो उन्हें 2000 में मिला था. चौदह साल बाद, 2014 में, भारत सरकार ने सर्वोच्च भारतीय नागरिक पुरस्कारों में चौथा, पद्म श्री से सम्मानित करके, भारतीय सिविल सेवा में अपनी सेवाओं का सम्मान किया.

भारत की प्रथम मुस्लिम महिला - सिविल सर्विस परीक्षा

अन्ना राजम मल्होत्रा नाम भारत की प्रथम महिला आईएएस के रूप में आपने सुना होगा. वे 1951 बैच में सिविल सर्विस की परीक्षा में चयनित हुई थी. उन्हें ही भारत की प्रथम महिला आईएएस अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त है.

जैनब सईद पश्चिम बंगाल की प्रथम मुस्लिम महिला आईएएस अधिकारी बनने का गौरव 2014 में प्राप्त किया था. उसी प्रकार बिहार से पहली बार महिला आईपीएस बनने का गौरव गुंचा सनोबर के नाम है. उममे फ़र्दिना आदिल असम राज्य से पहली बार IAS अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया है.

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