डीमैट खाता क्या है

About Author: Aleena Farheen

Last Edited: 06 Jul 2019 02:50 AM

डीमैट खाता क्या है

डीमैट अकाउंट क्या है ? डीमैट खाता एक बैंक अकाउंट है, जिससे निवेशक ऑनलाइन शेयरों की खरीद व बिक्री कर सकते हैं ! 

Demat Account in Hindi

कहां से डीमेट अकाउंट खुलवाना बेहतर होगा ? कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए और कितना सेवा शुल्क हैं  ?

शेयर बाजार में शेयरों की खरीद-बिक्री कैसे की जाए और डीमैट अकाउंट कैसे काम करता है ?

क्या पैसा कमाने का विकल्प शेयर मार्केट हो सकता है ? दोस्तों इस लेख को अंत तक पढ़े ताकि आप अपने लिए एक बेहतर डीमैट अकाउंट का चुनाव कर सकें ! 

Demat Account Meaning In Hindi

डीमैट अकाउंट, वह अकाउंट है जिससे खाताधारी शेयरों की खरीद-बिक्री करता है ! शेयरों की खरीद-बिक्री का पूरा लेखा-जोखा खाताधारी के अकाउंट में उपलब्ध रहता है ! डीमैट खाता पूरी तरह डीमटेरियलाइज्ड अकाउंट होता है !

डीमटेरियलाइज्ड का मतलब इलेक्ट्रॉनिक कैश होता है ! जैसे डेबिट कार्ड के प्रयोग से किसी दुकानदार को धनराशि को ट्रांसफर करते हैं ! उस धनराशि को इलेक्ट्रॉनिक कैश कहते हैं !

डीमैट खाता कैसे काम करता है

शेयर बाजार और सेविंग अकाउंट के बीच में डीमैट खाता एक तरह से कड़ी का काम करता है ! आप को समझाने के लिए दो चरणों में बांट देता हूं  -

  • शेयर मार्केट और डीमैट अकाउंट
  • सेविंग अकाउंट और डीमैट अकाउंट

शेयर मार्केट और डीमैट अकाउंट

डीमैट अकाउंट खोलने का अधिकार सिर्फ नेशनल सिक्यूरिटी डिपोजिटरी लिमिटेड (NSDL) अथवा सेंट्रल डिपोजिटरी सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (CDSL) के निवेश ब्रोकर या सब-ब्रोकर के पास होता है ! जो अपने निवेशक के लिए खाते खोल सकते हैं !

आप निवेशक हैं और किसी भी मान्यता प्राप्त निवेश ब्रोकर या सब-ब्रोकर (जैसे बैंक) के जरिए डीमैट खाता खुलवा सकते हैं !

खाता खोलने के बाद आपको लॉगइन आईडी, लॉगिन पासवर्ड, एवं ट्रांजैक्शन पासवर्ड मिलता है ! जब आप अपने नये अकाउंट में लॉगिन करते हैं तो आप शेयर मार्केट के साथ जुड़ जाते हैं ! लेकिन शेयर खरीदने के लिए आपके अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस होने चाहिए !

डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (डी.पी) क्या होता है

डी.पी वह एजेंट होता है जो डिपॉजिटरी एवं निवेशक के बीच संपर्क बनाता है ! भारतीय रिजर्व बैंक और सेबी द्वारा निर्धारित जरूरतों व निर्देशों के अनुसार बैंक या वित्तीय संस्थान, स्टॉक ब्रोकर आदि डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (डी.पी) के रूप में पंजीकृत हो सकते हैं ! आम भाषा में कहें तो बैंक एवं ब्रोकर डी.पी की तरह काम करता है !

सेविंग अकाउंट और डीमैट अकाउंट

डीमैट अकाउंट से पहले, आपके पास सेविंग अकाउंट होना आवश्यक है ! आप सेविंग अकाउंट से डीमैट अकाउंट में धनराशि को ट्रांसफर कर सकते हैं ! डीमैट अकाउंट से फंड को सेविंग अकाउंट में भी ट्रांसफर कर सकते हैं ! 

डीमैट अकाउंट कहां से खुलवाएं

Demat account meaning in hindi आपको अब समझ में आ गया होगा ! अब आगे की बात यह कि खाता कहाँ पर खुलवाएं और खाता कैसे खुलवाया जाए !

डीमैट अकाउंट खुलवाना चाहते हैं तो आपको किसी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) जो NSDL या CDSL के निवेश ब्रोकर या सब-ब्रोकरों के द्वारा अकाउंट खुलवा सकते हैं  !

डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट कौन होता है ? देश के ज्यादातर बैंक डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट तौर पर कार्य करते हैं ! भारत में बैंकों के अलावा अनेक निज़ी वित्तीय संस्थान हैं जो डीपी के रूप में कार्य कर रहे हैं ! जिनसे आप अपने लिए डीमैट अकाउंट खुलवा सकते हैं !

बेहतर कौन है निज़ी वित्तीय संस्थान या बैंक, आपके मन में यह प्रश्न जरूर आया होगा ! निजी वित्तीय संस्थान आपको ज्यादा सुविधाएं कम पैसे में प्रदान करता है जबकि बैंकों में ज्यादा भरोसे की बात होती है !

सार्वजनिक क्षेत्रों के कुछ बैंक की सूची जहां से आप डीमैट खाता खुलवा सकते हैं -

  • इलाहाबाद बैंक
  • आँध्रा बैंक
  • बैंक बड़ौदा
  • बैंक ऑफ इंडिया
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र
  • केनरा बैंक
  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
  • देना बैंक
  • इंडियन बैंक
  • ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स
  • स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
  • स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर जयपुर
  • स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर
  • सिंडिकेट बैंक
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  • युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया
  • विजया बैंक

निज़ी वित्तीय संस्थान (डीपी)

NSDL - लिस्ट

CDSL - लिस्ट

डीमैट खाता कैसे खुलवाएं

डीमैट खाता खुलवाने के लिए आपको डीपी का चुनाव करना होगा ! आपको ही तय करना है कि आप अपना डीमैट अकाउंट निज़ी वित्तीय संस्थान या बैंक के खोलना चाह रहे हैं ! DP चुनाव के बाद कुछ दस्तावेज हैं जो आपको के पास होनी चाहिए !

डीमैट अकाउंट के लिए जरूरी डाक्यूमेंट्स

  • सेविंग अकाउंट खाता संख्या
  • पैन कार्ड
  • पासपोर्ट आकार का फ़ोटो
  • आवासीय पता प्रमाणपत्र
  • पहचानपत्र

बीओ आईडी (B.O, ID) क्या होता है

किसी भी DP से निवेशक जब अकाउंट खुलवा लेता है तो उसके बाद आवेदक को यूनिक खाता संख्या दिया जाता है जिसे बनेफिशियरी ऑनर आइडेंटिफिकेशन नंबर (Beneficial Owner Identification number) कहते हैं !

संक्षेप में बीओ आईडी या B.O, IN कहते हैं ! बीओ आईडी का इस्तेमाल भविष्य में लेनदेन के लिए किया जाता है !

डीमैट खाता शुल्क कितना होता है

सेविंग अकाउंट को मेंटेन करने के लिए आपको सिर्फ मिनिमम बैलेंस रखना होता है ! उसके साथ कुछ बैंक एटीएम एवं अन्य सुविधाओं के नाम पर उस शुल्क आपसे लेता है ! 

Demat Account को मेंटेन करने के लिए कोई मिनिमम बैलेंस की बात नहीं होती है ! लेकिन इसके मेंटेनेंस चार्ज देना होता है चाहे आप ट्रेडिंग करें या ना करें !

वित्तीय वर्ष 2018 से ट्रेडिंग पर कुछ नए टेक्स भारत सरकार ने लगाया था ! DP चुनते समय यह पता कर लें, ऑफर ज्यादा अच्छा कहां पर मिल रहा है ! 

ज्यादातर बैंक मेंटेनेंस के नाम पर ₹1000 तक चार्ज करता है ! उसके अलावा कुछ बैंक अकाउंट ओपनिंग के भी चार्ज लेते हैं ! 

डीमैट खाता का फायदा किसको होता है

डीमैट अकाउंट के फायदे तो अनेक हैं लेकिन आपको इसको प्रयोग में तभी ला सकते हैं जब आपके पास पूंजी हो ! दूसरी जोड़ी चीज है शेयर मार्केट की जानकारी !

शेयर मार्केट की सही जानकारी हासिल कर लें तभी निवेश करें ! किसी के भी सलाह मशवरा पर ना जाए ! अपना रिसर्च खुद करें तभी आप शेयर मार्केट में कामयाब हो पाएंगे  !

डिमैट अकाउंट खुलवाने से पहले इन सावधानियों पर रखें ध्यान

डीमैट अकाउंट खुलवाने के लिए आपको कई ईमेल आता होगा ! उसके साथ साथ कभी फोन कॉल से भी आते होंगे !

डीमैट खाता खुलवाने से पहले DP चेक कर लें और उसके क्या ऑफर है ? उसके साथ यह भी चेक कर लें डीमैट अकाउंट मेंटेनेंस कॉस्ट एवं डीमैट अकाउंट बंद करने का कॉस्ट कितना है ! अकाउंट के सभी दस्तावेज को पढ़ने के बाद ही साइन करें !

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