सही मायने में जानते हैं, निवेश क्या है ?

By: Aleena Farheen Last Edited: 04 Mar 2019 01:39 AM

निवेश के प्रकार, निवेश क्या है, What is investment in hindi

What Is Investment In Hindi

निवेश क्या है, अक्सर लोग निवेश शब्द को लेकर कंफ्यूज रहते हैं ! दोस्तों आपको इस लेख के जरिए निवेश संबंधित सारी जानकारी दी जाएगी ! कृपया इस लेख को अंत तक पढ़िए इसमें आपका फायदा छिपा है !

निवेश को अंग्रेजी में investment कहते हैं और अर्थशास्त्री इसे विनियोग भी कहते हैं ! कोई व्यक्ति या संस्था अपने धन से धन कमाता हो या रुपया को काम पर लगाना या रुपया से रुपया कमाना उसे निवेश कहते हैं !

निवेश क्यों जरूरी है

ज्यादातर लोग सिर्फ नौकरी या काम करके आय अर्जित कर सकते हैं ! जैसे-जैसे आपका उम्र बढ़ता है वैसे ही खर्च भी बढ़ता हैं ! उम्र बढ़ने के साथ कार्य क्षमता भी घटने लगता है !

दुनिया में कुछ ही प्रतिशत लोग हैं जो नौकरी या काम के अलावा भी इनकम जनरेट कर पाते हैं, उसे निवेशक कहते हैं !

निवेशक वे लोग होते हैं जो अपने कमाई से बचत कर के, कुछ रुपयों का निवेश करके उस से कमाई करते हैं !

निवेशकों का जैसे उम्र बढ़ता है, उनका निवेश से इनकम भी बढ़ता है ! निवेशकों को कभी भी पूरी जिंदगी काम करने की आवश्यकता नहीं होती है !

आप अपने इनकम बढ़ाने के लिए अपना डुप्लीकेट बना कर काम पर नहीं लगा सकते हैं, ज्यादा से ज्यादा आप ओवरटाइम काम कर सकते हैं ! इनकम बढ़ाने का सबसे सही विकल्प निवेश है ! नौकरी छूट जाए या असमय मृत्यु से निवेश आपका ही नहीं आपके परिवार का रक्षा करता है !

क्या निवेश नहीं है ?

निवेशक पैसों का निवेश बिना जोखिम या कम जोखिम से निवेश करता है ! जबकि एक जुआरी पैसे कमाने के लालच में सारे पैसे तो कभी-कभी गमा बैठता है ! जुआ खेलकर या कैसीनो में पैसे लगाकर पैसे कमाने को निवेश नहीं कहते हैं !

निवेश में जो रुपया लगाया जाता है ! वह सुरक्षित हो और उससे हर महीने कुछ ना कुछ मुनाफा आए, तभी निवेश कहलाता है ! कुछ लोग तो चिटफंड जैसे कंपनी में पैसे लगाकर ज्यादा रिटर्न हासिल करने के चक्कर में अपनी सारी पूंजी गवा बैठते हैं उसे निवेश नहीं कह सकते हैं !

महंगे मोबाइल फ़ोन या महंगा कपड़ा खरीदना यह बिल्कुल निवेश नहीं है ! क्योंकि यह मोबाइल फ़ोन या कपड़ा खुद से पैसे कमा नहीं सकता है ! कुछ समय के बाद इन दोनों चीजों की मार्केट वैल्यू जीरो हो जाती है !

निवेश कब शुरू करें

वारेन बफ़ेट जिस का नाम दुनिया के 5 सबसे अमीरों में शामिल होता है, उसने 11 वर्ष के उम्र में कमाना शुरु कर दिया था ! उसी साल से इन्वेस्टमेंट भी शुरू कर दिया था ! पर्सनल फाइनेंसियल मैनेजमेंट थ्योरी के अनुसार, अगर आप 25 वर्ष के उम्र में भी निवेश करना शुरू कर दिया है तो यह काफी अच्छा माना जाता है !

निवेश में भी अलबर्ट आइंस्टाइन का कंपाउंड इंटरेस्ट थ्योरी काम करता है ! एक उदाहरण देकर आप को समझाना चाहता हूं ! दो जुड़वा भाइयों का नाम राम और बलराम, जिसकी उम्र लगभग समान है !

जब राम 25 वर्ष का था, तभी से उन्होंने ₹15000 प्रतिवर्ष 8% ब्याज दर के हिसाब से बैंक में निवेश करना शुरू कर दिया ! जब वह 60 साल का हो गया तो उसके बैंक अकाउंट में ₹2,21780 जमा हो चुका था !

जब बलराम 35 वर्ष का था, तभी से उन्होंने ₹15000 प्रतिवर्ष 8% ब्याज दर के हिसाब से बैंक में निवेश करना शुरू कर दिया ! जब वह 60 साल का हो गया तो उसके बैंक अकाउंट में ₹1,02727 जमा हो चुका था !

आप खुद अंदाजा लगा लीजिए इतना बड़ा फर्क कैसे आ गया ! इसीलिए निवेश करने में देर ना करें ! निवेश को जितना ज्यादा समय देंगे आपको रिटर्न उतना ही ज्यादा मिलेगा !

निवेश के प्रकार

निवेश के कई प्रकार हैं जिनके आधार अलग-अलग हो सकते हैं !

अवधि के अनुसार,

  • अल्पकालिक निवेश
  • मध्यमकालिक निवेश
  • दीर्घकालिक निवेश

अल्पकालिक निवेश

एक वर्षे या उससे कम समय के लिए किया गया निवेश को अल्पकालिक निवेश कहते हैं ! इस तरह के निवेश से भी कमाई की जा सकती है ! आप जानते हैं कि बूंद-बूंद से घड़ा भर जाता है ! उसी प्रकार छोटी-छोटी कमाई से भी हमारा निवेश बड़ा हो जाता है !

मान लीजिए कि आप हर महीने कुछ पैसों का बचत कर रहे हैं और आपके पास अभी इतने पैसे जमा नहीं हुआ है कि आप एक बार में बड़ा प्रॉपर्टी खरीद सकें !

आप हर महीने फिक्स डिपॉजिट कर सकते हैं ! क्योंकि आज के समय में 30 दिनों के लिए भी फिक्स डिपाजिट होता है ! आप वह सामान खरीद कर स्टॉक कर सकते हैं जिसका दाम बढ़ने के चांसेस होते हैं !

विकल्प

  • सोना और चांदी
  • फिक्स डिपॉजिट
  • शेयर मार्केट
  • सीजनल उत्पाद

मध्यमकालिक निवेश

एक वर्षे से ज्यादा और 5 वर्षों से कम समय के लिए किया गया निवेश को मध्यमकालिक निवेश कहते हैं ! मध्यमकालिक निवेश में ऑप्शंस काफी बढ़ जाते हैं !

विकल्प

  • स्टॉक,
  • बॉन्ड
  • म्यूचुअल फंड
  • रियल एस्टेट
  • सोना और चांदी
  • फिक्स डिपॉजिट 
  • शेयर मार्केट

दीर्घकालिक निवेश

5 वर्षों से ज्यादा समय के लिए किया गया निवेश को दीर्घकालिक निवेश माना जाता है ! निवेश को जितना ज्यादा समय देंगे आपको रिटर्न उतना ज्यादा मिलेगा और निवेश के ऑप्शन भी ज्यादा होता है !

विकल्प

  • स्टॉक,
  • बॉन्ड
  • म्यूचुअल फंड
  • रियल एस्टेट
  • सोना और चांदी
  • फिक्स डिपॉजिट 
  • शेयर मार्केट  
  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ)

जोखिम के आधार पर, 

  • सुरक्षित निवेश
  • असुरक्षित निवेश

सुरक्षित निवेश

सुरक्षित निवेश उस निवेश को कहते हैं जिसमें पूंजी के साथ-साथ रिटर्न की वापसी की पूरी गारंटी होती है ! इस तरह के निवेश में रिटर्न कम होता है लेकिन टेंशन फ्री निवेश कहलाता है !

विकल्प 

  • रियल एस्टेट
  • सोना और चांदी
  • फिक्स डिपॉजिट 
  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ)
  • राष्ट्रीय बचत पत्र, आदि.
असुरक्षित निवेश

असुरक्षित निवेश उस निवेश को कहते हैं जिसमें निवेश किया गया रकम और रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है! अंग्रेजी का एक कहावत सुना होगा ‘’ मोर रिस्क मोर गेन ‘’ ज्यादा जोखिम वाले निवेश में रिटर्न के चांसेस ज्यादा होते हैं!

विकल्प

  • स्टॉक,
  • बॉन्ड
  • म्यूचुअल फंड
  • शेयर मार्केट, आदि

आखिर में, निवेश क्या है और निवेश के प्रकार उम्मीद करती हूं कि आप को कुछ हद तक समझ में आ गया होगा ! एक समय होता है जब हमारे माता-पिता पढ़ने लिखने और सीखने को कहते हैं उसके बाद समय आता है कि नौकरी पाओ और पैसे कमाओ !

जब हम पैसे कमाने लगते हैं तो हमें बचत करने के लिए कहा जाता है ! जब हम बचत कर लेते हैं तो कहा जाता है कि सही स्थान पर निवेश करो ताकि ज्यादा रिटर्न मिले, तभी दुनिया वाले हमें सक्सेस मानते हैं !