शेयर मार्किट इन हिंदी

इक्विटी शेयर क्या है और शेयर कितने प्रकार के होते हैं - शेयर मार्किट इन हिंदी

 

हिंदी भाषा के प्रेमी ‘‘शेयर मार्किट इन हिंदी’ शब्दों का प्रयोग करके इंटरनेट पर शेयर मार्केट की जानकारी चाहते हैं ! शेयर मार्केट से पैसा कमाना चाहते हैं या आपने अब मन बना लिया है कि मुझे अब शेविंग करना है तो यह लेख वाकई आपके लिए फायदेमंद होगा, कृपया अंत तक पढ़े !

मित्रों सबसे पहले शेयर किया है, यह आपको मैं बताना चाहता हूं ! कोई भी कंपनी पूंजी के लिए अपनी शेयर को मार्केट में उतारता है ! कोई भी निवेशक कुछ शेयर को खरीद लेता है तो उसे इस कंपनी का हिस्सेदार हो जाता है ! कंपनी के फायदे और नुकसान में निवेशक दोनों ही स्थिति में कंपनी के पार्टनर बन जाते हैं !

शेयर बाजार वह बाजार है जहां पर निवेशक किसी भी रजिस्टर कंपनी के शेयर को खरीद और बेच सकते हैं ! आज के समय रुपया कमाने के लिए शेयर को ऑनलाइन खरीदा और बेचा जा सकता है - शेयर कैसे खरीदें

शेयर कितने प्रकार के होते हैं

अक्सर लोग यह पूछते हैं कि शेयर कितने प्रकार के होते हैं और इसे कौन खरीद सकता है ! आपको बता दूं कि शेयर दो प्रकार के होते हैं  -

  • प्रेफरेंस शेयर
  • इक्विटी शेयर

प्रेफरेंस शेयर क्या है

प्रेफरेंस शेयर कंपनी का वह शेयर होता है जिसमें कंपनी डूब जाए या घाटे में जाए या कंपनी बड़े मुनाफा कमा लें, इन सभी स्थिति में निवेशकों को तय की गई लाभांश एवं मूलधन वापस मिल जाता है !

इक्विटी शेयर क्या है

“इक्विटी शेयर” वह होता है जिसमें लाभांश तय नहीं होता है और जिसमें निवेशक यानी शेयर होल्डरों को मालिक माना जाता है ! मान लीजिए कि किसी कंपनी ने अपने 100 शेयरों को मार्केट में बेच दिया और किसी निवेशक ने उसमें से 20 शेयर को खरीद लिया इसका यह मतलब हुआ कि निवेशक अब उस कंपनी का 20% हिस्सेदार है !

कम्पनी अपने सभी कर्ज व कर्ज का ब्याज और प्रेफरेंश शेयरहोल्डरों का बकाया रकम चुकाने के बाद इक्विटी शेयर होल्डरों को लाभांश के साथ मूलधन वापस देता है ! इक्विटी शेयर होल्डरों को ही कम्पनी के मामलों में मत का अधिकार होता है जो लोकतांत्रिक होता है ! जिसके पास ज्यादा शेयर होते हैं वही बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर को सुन सकते हैं !

कंपनी को ज्यादा बड़ा फायदा होने पर सबसे ज्यादा फायदा इक्विटी शेयर होल्डरों क्या होता है ! उस के विपरीत कंपनी के डूब जाने या फिर नुकसान होने पर सबसे ज्यादा नुकसान भी इक्विटी शेयर होल्डरों का होता है !

इक्विटी शेयर को प्राइमरी एवं सेकेंडरी मार्केट से खरीदा जा सकता है ! आईपीओ या एफपीओ प्राइमरी मार्केट कहते हैं जबकि मान्यता प्राप्त ब्रोकर को सेकेंडरी मार्केट कहते हैं !

आम भाषा में कहे तो आप निवेशक सिर्फ इक्विटी शेयर ही खरीद सकते हैं जिसके लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना चाहिए !

 

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