सेंसेक्स क्या है

 सेंसेक्स क्या है | सेंसेक्स का मतलब आसान भाषा में, निफ्टी क्या है | Sensex In Hindi

Sensex In Hindi

सेंसेक्स क्या है या सेंसेक्स का मतलब क्या है, निफ्टी सेंसेक्स आदि शब्दों का इस लेख के जरिए आपको संपूर्ण जानकारी आसान भाषा में देने का कोशिश करूंगा ! यह लेख प्रतियोगिता परीक्षार्थियों एवं इन्वेस्टर को ध्यान रखकर लिखा जा रहा है ! कृपया इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें !

सेंसेक्स का मतलब

सेंसेक्स को हिन्दी में संवेदी सूचकांक कहते हैं जो मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का एक सूचकांक है ! भारत जैसे बड़े अर्थव्यवस्था वाले देशों में कंपनियों के शेयरों की कीमतों के आंकलन के लिए दो सूचकांक बनाया गया है ! शेयर बाजार में इन कंपनियों के शेयरों की बढ़ती-घटती कीमतों पर नजर रखता है ! बढ़ती-घटती कीमतों को बाजार के सामने प्रस्तुत करता है, जिससे सेंसेक्स कहते हैं ! निफ्टी सूचकांक भी एक प्रकार का सूचकांक है जिस का संबंध नेशनल स्टॉक एक्सचेंज है !

सेंसेक्स कैसे काम करता है ?

सेंसेक्स का मतलब समझने के लिए शेयर शब्द समझना आवश्यक है ! शेयर, शेयर बाजार और सेंसेक्स व निफ्टी इन चारों शब्दों का गहरा तालमेल है  ! थोड़ा ध्यान से पढ़ें तभी समझ पाएंगे इन बारीकियों को -

शेयर क्या है, शेयर का मतलब होता है हिस्सेदारी यानी कि पार्टनरशिप, किसी भी कंपनी को चलाने के लिए बड़े धन की आवश्यकता होती है ! धन की प्राप्ति करने के लिए कंपनी अपनी कुछ हिस्सेदारी बाजार में बेच देती है ! बाजार में निवेशक उस हिस्सेदारी (शेयर) को खरीद कर कंपनी का नया हिस्सेदार बन जाता है !

मान लें कि किसी कंपनी ने अपने 25% शेयर को मार्केट में बेच दिया, उस कंपनी का वैल्यू एक करोड़ रुपया था ! मतलब यह हुआ कि वह मार्केट से 25 लाख उठाना चाहता है उसके लिए उन्होंने 25 शेयर बना दिया ! एक शेयर का दाम एक लाख रुपया हुआ !

अगर कोई निवेशक उनमें से 25 शेयरों को 25 लाख देकर खरीद लेता है इसका मतलब यह हुआ कि, निवेशक अब कंपनी का 25 परसेंट हिस्सेदार हो गया ! कंपनी के फायदे और नुकसान दोनों ही हालात में नया निवेशक उसका हिस्सेदार है !

मान लें कि कंपनी को एक साल में एक करोड़ का फायदा हुआ तो निवेशक का हिस्सा 25 लाख हो गया ! जिस शेयरों का दाम पिछले साल 25 लाख था अब उस शहर की कीमत 50 लाख हो चुका है यानि एक शेयर की कीमत 2 लाख हो चुका है, जिसकी कीमत पिछले साल 1 लाख रुपये थी !

अगर उस कंपनी को 1 साल में एक करोड़ रुपए का नुकसान हो जाता है तो इसका मतलब यह हुआ कि निवेशक का 25 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है शेयर की कीमत जीरो रुपया हो चुका है जिसकी कीमत पिछले साल 1 लाख रुपये थी !

अब आप यह सोच रहे होंगे कि कंपनी ने अपना शेयर कैसे बेचा और निवेशक ने कैसे शेयर को खरीदा होगा ?

शेयर बाजार वह बाजार होता है जहां पर कंपनी अपने शेयर को बेच सकती है और निवेशक मोल भाव करके खरीद सकता है ! पिछले उदाहरण में आपने देखा कि एक निवेशक ने 25 लाख रुपये से 25 शेयर खरीदा था, फायदे की स्थिति में 25 लाख रुपए कमा रहा था जबकि नुकसान की स्थिति में 25 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था !

अब निवेशक पूरे साल में किसी भी समय अपने शेयर को बेच सकता है, अगर वह निवेशक फायदे की स्थिति में सभी शेयरों को बेच देता है तो उसे 25 लाख का मुनाफा हो जाता है ! इस खरीद-फरोख्त के लिए एक बाजार चाहिए होता है उस बाजार को ही शेयर बाजार कहते हैं !

अब यह आपके दिमाग में आ रहा होगा कि कंपनी का शेयरों का मूल्य कौन तय करता है ? निवेशक और कंपनी के बीच में पारदर्शिता कौन बनाए रखता है ? निवेशक एवं कंपनी की हितों की रक्षा कौन करता है ? इन सभी प्रश्नों का उत्तर हो सकता है - स्टॉक एक्सचेंज या सेंसेक्स या निफ्टी

भारत में कितने स्टॉक एक्सचेंज है ?

भारत में दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज हैं जिससे लोग सेंसेक्स या शेयर बाजार समझते हैं, उसका नाम इस प्रकार है

  • मुंबई स्टॉक एक्सचेंज, मुंबई
  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, मुंबई

मुंबई स्टॉक एक्सचेंज

मुंबई स्टॉक एक्सचेंज के कितने नाम हैं क्या इसे सेंसेक्स कहना उचित होगा ? इन नामों से मुंबई स्टॉक एक्सचेंज को लोग जानते हैं  -

  • S&P BSE SENSEX
  • S&P Bombay Stock Exchange Sensitive Index
  • BSE - 30
  • बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज
  • मुंबई शेयर बाजार
  • मुंबई संवेदी सूचकांक
  • बीएसई सेंसेक्स
  • बसे सेंसेक्स
  • बीएसई

मुंबई स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांक को सेंसेक्स कहते हैं जो 30 कम्पनियाँ के शेयरों के सूचकांक से बना है ! Full Form of Sensex is Sensitive Index. सूचकांक (Index) क्या है ? सूचकांक की परिभाषा ‘’ सूचकांक एक सांख्यिकीय है जो बदलाव को गिनता है यानि ‘’ मूल्य बतानेवाला आँकड़ा ‘’

मुंबई स्टॉक एक्सचेंज, एशिया का सबसे पुराना शेयर बाजार है जिसकी स्थापना 1875 में हुआ था जबकि भारत सरकार से मान्यता Securities Contract Regulation Act के तहत 31अगस्त 1957 में मिला था ! वर्ष 1978-79 को आधारवर्ष माना जाता है, उस समय सेंसेक्स का आधार मूल्य मात्र 100 रुपये था ! सेंसेक्स की रचना 1986 में हुआ था !

मुंबई स्टॉक एक्सचेंज के इतिहास में जाएंगे तो आपको जानकर ताज्जुब होगा कि 1850 के दशकों में शेयर दलालों की पहली बैठक मुंबई में टाऊन हॉल के सामन बरगद के पेड़ के नीच हुई थी जबकि दूसरा स्थान महात्मा गांधी रोड था ! आखिरकार 1874 में, दलालों को एक स्थायी स्थान मिला, जिसे आज समय दलाल स्ट्रीट कहते हैं !

14 मार्च, 1995 में ओटोमेटेड ट्रेडिंग सिस्टम का शुरुआत हुआ, जिससे निवेदक ऑनलाइन ट्रेडिंग करना शुरु किया था ! 1997 में बोल्ट नेटवर्क के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर फैलाया गया ! 2002 में मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का नाम बदलकर बीएसई (BSE SENSEX) रखा गया था ! मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का मुख्यालय मुंबई है !

इंडिया सेंसेक्स क्या है

इंडिया सेंसेक्स का तात्पर्य बीएसई सेंसेक्स है क्योंकि बीएसई भारत का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है जिसके सूचकांक का नाम सेंसेक्स रखा गया था ! आज भी कुछ लोग मुंबई स्टॉक एक्सचेंज को सेंसेक्स की समझते हैं क्योंकि खबरों में अक्सर सेंसेक्स के नंबर को हेडलाइन बनाकर दिखाया जाता है !  अपना कन्फ्यूजन खत्म कर दीजिए बीएसई एक संस्था का नाम है और उसके सूचकांक का नाम संसेक्स है उसे आप इंडिया का सेंसेक्स कह सकते हैं  !

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को अप्रैल 1993 में सेबी (SEBI) के द्वारा स्टॉक एक्सचेंज के रूप में मान्यता मिला और 1994 में परिचालन शुरू किया गया था ! एनएसई, भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और विश्व का तीसरा बड़ा स्टॉक एक्सचेंज होने का गौरव प्राप्त है ! नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मुख्यालय मुंबई है ! एनएसई को कुछ लोग निफ्टी मान लेते हैं, आपको बता दूं कि निफ्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का एक सूचकांक है  !

निफ्टी क्या है

1996 में निफ्टी शब्द का उदय हुआ था जिसका संबंध नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से है ! निफ्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का एक सूचकांक है ! निफ्टी दो शब्दों को मिलाकर बनाया गया है = नेशनल + फिफ्टी = National Fifty या  निफ्टी कहते हैं !  NIFTY Full form - National Stock Exchange Fifty.

सेंसेक्स और निफ्टी क्या है

What is nifty and sensex in hindi.

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही संवेदी सूचकांक हैं, शेयर बाजार की बदलाव को निवेशकों तक पहुंचाता है ! शेयर बाजार में शेयरों के दाम इन्हीं सूचकांक के द्वारा तय किए जाते हैं ! सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक जबकि निफ्टी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज सूचकांक है ! सेंसेक्स 30 कम्पनियाँ से बना है जबकि निफ्टी  50 कम्पनियाँ से बना है !

सेंसेक्स और निफ्टी आपका फायदा कैसे

सेंसेक्स और निफ्टी

 

सेंसेक्स की रफ्तार  

1990 - 1000

1992 - Jan - 2000

1992 - Mar - 4000

1999 - 5000

2000 - 6000

2006 - 10000

2017 - 30000

2018 - 35000

ऊपर लिखे आंकड़ों में यह देख सकते हैं कि 1990 में सेंसेक्स आंकड़ा 1 हजार था, अगर वर्ष 2018 की बात करें तो यह आंकड़ा 35 हजार को पार कर गया है ! इसका सीधा-सीधा मतलब यह हुआ कि अगर आप कोई उचित कंपनी में 1 लाख रुपये का शेयर 1990 में खरीदा होता तो आज उसका कम से कम 35 गुना बढ़ कर 35 लाख हो सकता था ! अब आपके मन में प्रश्न होगा कि जो शेयर हमने खरीदा होता उसका दाम बढ़ता क्या ?

दोस्तों यह डाटा जो ऊपर देख रहे हैं यह एक एवरेज डाटा है सभी शेयरों को मिलाकर निकाला गया है, आपके द्वारा खरीदा गया शेयर का मूल्य इससे ज्यादा भी हो सकता था या कम भी हो सकता था ! इसीलिए तो कहा जाता है शेयर खरीदने से पहले जानकारी हासिल करना जरूरी होता है !

निवेशकों के हितों की रक्षा स्टॉक एक्सचेंज करता है जबकि सेंसेक्स और निफ्टी शेयरों वैल्यू को लोगों के सामने लाता है ! शेयर मार्केट से अगर आप पैसा कमाने का मन बना चुके हैं तो मैं एक बार फिर कहना चाहूंगा ! पूरी तसल्ली से पहले जानकारी हासिल कर लें तभी शेयर मार्केट में निवेश करें !

 

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