Business Kaise Kare शुरुआत में यह गलती ना करें

By: Aleena Farheen Last Edited: 04 Mar 2019 12:45 AM

business kaise kare

Business Kaise Kare ? अपना बिजनेस कैसे शुरू करें ? अगर आप इन प्रश्नों का उत्तर ढूंढ रहे हैं तो यह लेख वाकई आपके लिए फ़ायदेमंद साबित हो सकता है ! कृपया इस लेख को ध्यान से अंत तक पढ़ें !

बिजनेस कैसे शुरू करें, पर पूंजी की कमी हमारी सोच को रोक देता है

दोस्तों, अगर आप वाकई आपना बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं,  तो मैं कहूंगी कि आप बहुत हिम्मत का काम कर रहे हैं ! लेकिन आपके मन में डर होगा कि इसकी शुरूआत कैसे किया जाए और उसके लिए पूँजी कहां से आएगा  ?

आप को जैसा कि पता होगा भारत सरकार ने स्टार्टअप इंडिया व मुद्रा योजना शुरू किया है, जिसके तहत नये बिजनेस को लोन दिया जाता है ! लेकिन इन योजनाओं के तहत लोन मिलना आसान नहीं होता है !

लोन लेने के लिए सब से पहले आपको अपने बिजनेस को डिजाइन करना होगा ! उसके बाद आपको बिजनेस प्रपोजल तैयार करना होगा !

उसके बाद ही, आप लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं ! जब आपका बिजनेस प्रपोजल एक्सेप्ट हो जाएगा तब आपका इंटरव्यू होगा ! बिजनेस प्रपोजल एवं इंटरव्यू के आधार पर ही, लोन की राशि तय होती है !

उद्योग आयुक्‍तालय या नोडल एजेंसियाँ, आपसे आपके बिजनेस संबंधित इंटरव्यू में बहुत सारे प्रश्न पूछते हैं !  आपके बिजनेस प्लान को बहुत बारीकी से चेक करते हैं !

अगर वहां से आपको लोन मिल जाता है तो इसका मतलब है कि, आप का बिज़नेस प्लान बहुत अच्छा है और सक्सेस होने के चांसेस भी बहुत ज्यादा है ! यह लेख पूरी तरह उन्हीं बातों को ध्यान में रखकर लिखा गया है !

Business Kaise Start Kare

बिजनेस कैसे शुरू करें, आपके लिए उपयोगी जानकारी विभिन्न चरणों में लिखा गया है ! सभी चरणों को ध्यान से पढ़ें वरना आपसे कोई बड़ा चूक हो सकता है !

  1. बिजनेस आइडिया
  2. उत्‍पाद एवं सेवा का चयन
  3. मार्केट रिसर्च
  4. बिजनेस टाइप
  5. बिजनेस लोकेशन
  6. बिजनेस रजिस्ट्रेशन
  7. बिजनेस के लिए इंफ़्रास्ट्रक्चर
  8. बिजनेस के लिए पूंजी
  9. कच्चा माल, मशीनरी व उपकरण
  10. उत्पाद व सेवा का निर्माण
  11. बिजनेस के लिए मानव संसाधन
  12. सेल एंड सर्विस

दोस्तों, एक बात का ध्यान रखिएगा, कुछ पॉइंट को शॉर्ट में लिखा गया है ! उससे संबंधित लेख का लिंक उस पर दिया गया है ! विस्तृत जानकारी चाहिए तो उस अंडर लाइन पर क्लिक कर सकते हैं !

अगर आप चाहें तो इस लेख को लिख कर रख सकते हैं या इस पूरे लेख को कॉपी कर के सेव कर सकते हैं ! क्योंकि बिजनेस प्रपोजल या बिजनेस प्लान के लिए अहम साबित हो सकता है !

1 - बिज़नेस आइडिया

बिजनेस के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य बिजनेस आइडिया होता है ! अगर आप का बिजनेस आइडिया सही है तो मान लें कि आपका यह सक्सेस का 50% है !

2 - उत्पाद एवं सेवा का चयन

उत्‍पाद एवं सेवा का चयन मार्केट की जरूरत के हिसाब से ही करें ! हर उत्पाद एवं सेवा सभी मार्केट की जरूरत नहीं होती है ! कोई व्यक्ति पिज़्ज़ा जैसे उत्पाद या पेस्ट कंट्रोल सेवा को गांव में बेचना चाहता है तो, उसे वहां पर ग्राहक नहीं मिलेगा !

भौगोलिक स्थिति, सामाजिक ढांचा, और व्यक्तियों के आय के अनुसार ही उत्पाद एवं सेवा की आवश्यकता होती है ! कच्चे माल एवं मानव सामग्री की उपलब्धता भी उत्पाद एवं सेवा के चयन के लिए महत्वपूर्ण होता है !

आपकी काबिलियत के साथ आप की पूँजी भी तय करने के लिए काफी होता है कि, आप कौन से वस्तु का उत्पादन कर सकते हैं या सेवाओं को बेच सकते हैं !

3 - मार्केट रिसर्च

मार्केट रिसर्च पर बड़ी कंपनियों का करोड़ों का बजट होता है ! लेकिन शुरुआत में आप ऐसा नहीं कर सकते हैं ! यह काम आपको खुद करना पड़ेगा !

मार्केट रिसर्च के मुख्य बिंदु -

  • उपभोक्ता की आवश्यकता
  • उपभोक्ता की प्राथमिकता
  • संभावित उपभोक्ता की पहचान
  • आपके प्रस्तावित उत्पाद या सेवा का रिस्पांस

मार्केट रिसर्च बहुमूल्य जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया है ! यह जानने में आपकी मदद करता है कि आपके प्रस्तावित उत्पाद या सेवा को मार्केट के उपभोक्ता खरीदेंगे या नहीं  !

आप थोड़ा सा समय निकालें, जिस मार्केट में आप अपने प्रस्तावित उत्पाद या सेवा को बेचना चाहते हैं ! वहां के उपभोक्ताओं का रुझान कैसा है ! क्या इस तरह के उत्पाद या सेवा को वहां के ग्राहक खरीदने के लिए परेशान हैं ?

4 - बिजनेस टाइप

बिजनेस के प्रकार कई होते हैं ! लेकिन आपके बिजनेस ट्रांजैक्शन या पूंजी के अनुसार ही आपको उनमें से चयन करना होता है !

सीमित दायित्व (Limited liability)

सीमित दायित्व एक प्रकार की देयता है जो साझेदारी या सीमित देयता कंपनी में निवेश की गई राशि से अधिक नहीं है। सीमित देयता सुविधा सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश करने का सबसे बड़ा लाभ है।

मताधिकार (Franchise)

सरलतम रूप में एक फ्रैंचाइज़ी एक समझौता या लाइसेंस है जिसे दो पार्टियों, फ्रेंचाइज़र और फ्रेंचाइजी द्वारा दर्ज किया गया है । जैसे कि कोई व्यक्ति बाटा से फ्रेंचाइजी ले कर शोरूम खोल लेते हैं, उसे मताधिकार व्यापार करते हैं !

कंपनी (Company)

एक कंपनी एक कानूनी संस्था है, जो व्यक्तियों के संगठन से बना होती है, जो व्यावसायिक या औद्योगिक उद्यम को या मिश्रण को धन अर्जित करने के लिए किया जाता हो !

साझेदारी (Partnership)

एक साझेदारी दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच मौजूद संबंध है जो व्यापार या व्यवसाय को जारी रखने में शामिल हो जाते हैं । प्रत्येक व्यक्ति पैसा, संपत्ति, श्रम या कौशल का योगदान करता है और व्यापार के लाभ और नुकसान में दोनों में हिस्सा होता है !

एकमात्र स्वामी (Sole proprietor)

एकमात्र स्वामित्व एक ऐसा व्यवसाय है जो किसी स्वाभाविक व्यक्ति (व्यक्तिगत) द्वारा स्वामित्व और संचालित होता है । यह व्यवसाय इकाई का सबसे सरलतम रूप है ! एकमात्र स्वामित्व एक कानूनी इकाई नहीं है ! व्यवसाय के मालिक से अलग कोई अस्तित्व नहीं है जिसे स्वामित्व कहा जाता हो !

5 - बिजनेस लोकेशन

व्यवसाय के स्थान के चयन को लेकर हम भारतीय अक्सर गलती कर बैठते हैं ! हमारा हमेशा पहला चॉइस होता है जन्म स्थान जो कि गलत भी हो सकता है ! बिजनेस के लोकेशन को डिसाइड करते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें !

  • आपके उत्पाद एवं सेवा की सबसे ज्यादा ग्राहक कहां पर है.
  • उत्पाद एवं सेवा के निर्माण के लिए भौगोलिक स्थिति कैसा है.
  • स्थान का बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे रोड, कम्युनिकेशन आदि.
  • कानून व्यवस्था.
  • कम पैसे में इंफ्रास्ट्रक्चर का डेवलपमेंट.
  • सरकार की नीति एवं कानून.

6 - बिजनेस रजिस्ट्रेशन

नाम-करण

अपने बिजनेस को रजिस्टर करने से पहले उसका नाम-करण आवश्यक है ! आपके बिजनेस का नाम ऐसा हो जो बिल्कुल आदित्य हो, तभी उस नाम का आपको रजिस्ट्रेशन मिलेगा !

टैग लाइन

आपने देखा होगा, कोल्ड ड्रिंक की बोतल पर यह लिखा होता है - Coke – Open happiness ! ओपन हैप्पीनेस यह टैग लाइन है ! ब्रांडिंग के लिए टैग लाइन बहुत ही महत्वपूर्ण है !

टैग लाइन छोटा होना चाहिए जिसे कोई भी आसानी से याद रख सके ! टैग लाइन में आप कौन सी सेवा या उत्पाद देते हैं, कैसे देते हैं, अन्य से कैसे बेहतर है और इसके क्या फायदे हैं !

अपने बिजनेस के अनुसार, आप नीचे दिए गये 12 व्यापारिक संस्थाओं के रूप में अपने बिजनेस का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं !

भारत में व्यापारिक संस्थाओं के विभिन्न रूप हैं 

  1. प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (Private Ltd Company)
  2. पब्लिक लिमिटेड कंपनी (Public Ltd Company)
  3. असीमित कंपनी (Unlimited Company)
  4. एकल स्वामित्व (Sole proprietorship)
  5. संयुक्त हिंदू परिवार के व्यापार (Joint Hindu Family business)
  6. साझेदारी (Partnership)
  7. सहकारिता (Cooperatives)
  8. सीमित देयता भागीदारी (एलएलपी) (Limited Liability Partnership)
  9. लीएजॉन ऑफ़िस (Liaison Office)
  10. शाखा ऑफ़िस (Branch Office)
  11. परियोजना कार्यालय (Project Office)
  12. सहायक कंपनी (Subsidiary Company)

जब आपका बिजनेस रजिस्टर हो जाता है तो, उसके बाद आप पैन कार्ड एवं करंट अकाउंट या बिजनेस अकाउंट खुलवा सकते हैं !

7 - बिजनेस के लिए इंफ़्रास्ट्रक्चर

बिजनेस करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है चाहे आप कोई सेवा दे रहे हैं या उत्पाद का उत्पादन कर रहे हैं या कोई दुकान या शोरूम खोलना चाहते हैं !

बिजनेस की शुरुआत में रेंट या लिज़ का दुकान या घर लेना चाहिए ताकि ज्यादा पूंजी का उपयोग आप व्यापार में कर सकें ! अगर आप का उत्पाद का बिजनेस है तो, आपको ज्यादा खर्च मशीन एवं उपकरण को खरीदने में करना चाहिए !

8 - बिजनेस के लिए पूंजी

बिजनेस के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है जिसे आप बैंक लोन के अलावा विभिन्न विकल्प से उगाई कर सकते हैं ! कभी भी अपने सारे धन (घर, जमीन) को बिजनेस की पूंजी के लिए उपयोग ना करें ! बिजनेस का दूसरा नाम जोखिम और परिवर्तन भी है !

9 - कच्चा माल, मशीनरी और उपकरण

बेहतर उत्पाद एवं सेवा के निर्माण के लिए सस्ता कच्चा माल एवं बेहतरीन मशीन और उपकरणों की आवश्यकता होती है ! अगर आपके उत्पाद एवं सेवा की अच्छी क्वालिटी नहीं होगी तो ऐसे में आपका नुकसान होना तय है !

मशीन एवं उपकरणों की ख़रीददारी करने से पहले, थोड़ा रिसर्च जरूर कर लें !

10 - उत्पाद का निर्माण एवं सेवा

मार्केट के आवश्यकता के अनुसार उत्पाद एवं सेवा को बढ़ाना या घटना चाहिए ! किसी उत्पाद की आवश्यकता त्यौहारों में होती है तो किसी की आवश्यकता मौसम बदलने के साथ, उसके अनुसार ही, हमें उत्पादन करना चाहिए !

11 - बिजनेस के लिए मानव संसाधन

चाहे आपका बिजनेस उत्पादन से संबंधित हो या सेवा से संबंधित दोनों ही स्थिति में आप को वर्कर की आवश्यकता होती है !

बिजनेस के लिए कर्मचारियों का चयन भी एक महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है ! अच्छे गुणवान कर्मचारियों की पहचान अति आवश्यक है, हमें रिश्तेदार एवं संबंधियों से बचना चाहिए !

12 - सेल एंड सर्विस

सेवा या उत्पाद का निर्माण हो चुका है अब उसे मार्केट में बेचना है उसके लिए एडवर्टाइजमेंट या प्रचार आवश्यक है ! एडवर्टाइजमेंट के सस्ते विकल्प के तौर पर इंटरनेट सबसे बेहतरीन प्लेटफार्म है, उसके अलावा टीवी, न्यूज़पेपर, पंपलेट जैसे अन्य माध्यमों का प्रयोग किया जा सकता है !

Unique Value Proposition (USP) उत्पाद एवं सेवा के सेल के लिए महत्वपूर्ण शब्द है ! आपका उत्पाद या सेवा दूसरों से कैसे बेहतर एवं सस्ता है या कह सकते हैं कि कैसे अलग या यूनिक है !

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अपना बिजनेस कैसे शुरू करे, इस पर अपने से रिसर्च करें ! इसमें आपको ज्यादा फायदा हो सकता है  ! आपके अच्छे भविष्य की मैं कामना करती हूं, लेख को कीमती समय देने के लिए धन्यवाद !