How Aeroplane Fly in Hindi

By: Chandan Kumar Last Edited: 04 Mar 2019 03:43 AM

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हवाई जहाज कैसे उड़ता है

हवाई जहाज का इंजन के बारे में आप क्यों जानना चाहते हैं इसकी जिज्ञासा मैं समझ सकता हूं ! जब आप हवाई जहाज पर सवार होते हैं और वह रनवे से उड़ान भर रहा होता है, तभी आप इंजन की दहाड़ने की आवाज सुनते हैं !

जब आप का विमान जमीन छोड़ता है तो आप धीरे धीरे अपनी सीट में वापस धकेले चले जाते हैं, यह तभी संभव है जब हवाई जहाज का इंजन बहुत शक्तिशाली हो !

हवाई जहाज का इंजन

मौजूदा समय में कमर्शियल हवाई जहाज में 2 से 6 इंजन लगे होते हैं ! एयर-कूल्ड चार और छः-सिलेंडर पिस्टन इंजन छोटे सामान्य विमानन विमानों में उपयोग किये जाने वाले सबसे आम इंजिन हैं, जो 400 हॉर्स पावर (300 किलोवाट) का होता है !

टरबाइन इंजन 400 हॉर्स पावर (300 किलोवाट) से पावर उत्पन्न करता है जिसको बड़े विमानों में लगाया जाता है !

हवाई जहाज का इंजन

व्यावसायिक विमानन में आज के समय टर्बोफैन इंजन उपयोग होता है, जिसकी कीमत 35 मिलियन डॉलर से अधिक होता है !  प्रैट एंड व्हिटनी, जनरल इलेक्ट्रिक, रोल-रॉयस, और सीएफएम इंटरनेशनल जैसे बड़ी कंपनियां हवाई जहाज के इंजनों का निर्माण करते हैं !

हवाई जहाज के इंजन का सिद्धांत

हवाई जहाज का इंजन न्यूटन के तीसरे गति नियम पर आधारित है ! सर आइजैक न्यूटन ने पाया कि "हर क्रिया एक समान और विपरीत प्रतिक्रिया है।" जहाज इंजन इस सिद्धांत का उपयोग करता है !

इंजन हवा की एक बड़ी मात्रा में लेता है और हवा को 3000 सेंटी ग्रेट तक गर्म करके कमप्रेस्ड कर देता है ! कमप्रेस्ड हवा को छोटे से छेद से बाहर निकालता है जिस से बहुत बड़ा थ्रस्ट उत्पन्न होता है ! यह थ्रस्ट हवाई जहाज को आगे धकेलने मदद करता है !

थ्रस्ट यानि जोर क्या है

जोर फॉरवर्ड या ऊपरी बल है जो किसी भी चीज को आगे बढ़ने के लिए धक्का देता है !

जेट इंजिन क्या है

एक जेट इंजन को प्रतिक्रिया इंजन भी कहा जा सकता है क्योंकि इंजन द्वारा निर्मित प्रतिक्रिया विमान को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है ! इंजन में इंधन के आंतरिक दहन से गर्म गैसों का निर्वहन करती है जिससे थ्रस्ट उत्पन्न होती हैं !

ऑटोमोबाइल और ट्रकों में आंतरिक दहन इंजन से पिस्टन को ऊपर और नीचे करता है जिससे रोटेशन उत्पन्न होती है जबकि जेट इंजन केवल सामने की ओर हवा चूसने और पीछे की तरफ से निर्वहन करके बड़ा थ्रस्ट उत्पादन करता है।

जेट इंजिन के भाग

कमप्रेसर  (Compressor)
दहन कक्ष (combustor)
टर्बाइन (Turbine)
नोक (Nozzle)

जेट इंजन कैसे काम करता है

कमप्रेसर हवा को चूसता और इसे संकुचित करता है। अत्यधिक संपीड़ित हवा को दहन कक्ष में भेज देता है ! दहन कक्ष में कई स्पार्क प्लग होते हैं जो ऑक्सीजन के साथ इंधन को जलने में मदद करता है जिससे तापमान 3000 डिग्री तक हो जाता है !

टर्बाइन में लगे बलेटस, गर्म हवा को और गति प्रदान करता है ! नोक (Nozzle) से यह हवा जब बाहर निकलता है तो बड़ा थ्रस्ट उत्पादन करता है।  

जेट इंजन के प्रकार
  • टर्बोजेट इंजन
  • टर्बोफैन इंजन
  • टर्बोप्रॉप इंजन
  • रामजेट
  • स्कम जेट्स
  • टर्बो-शाफ्ट

जेट इंजन पहली बार किसने बनाया था

1903 में, राइट ब्रदर्स उड़ान भरे थे, जिस में लागा इंजन गैस संचालित था जिसकी पावर सिर्फ 12 हॉर्स पावर की थी !

फ्रैंक व्हाल्ट, एक ब्रिटिश पायलट था, जो 1930 में पहले टर्बो जेट इंजन के डिज़ाइन को पेटेंट कराया था । मई 1941 में व्हाल्ट इंजन पहले सफलतापूर्वक उड़ान भरे।

जेट इंजन का उपयोग ना केवल विमान होती है बल्कि क्रूज मिसाइलों और मानवरहित हवाई वाहन (ड्रोन) में भी होता है !