What is Angiography in Hindi

By: Dr. K. K. Jha Last Edited: 04 Mar 2019 03:26 AM

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एंजियोग्राफी टेस्ट करवाने से पहले यह ज़रूर जान लें

Angioplasty in hindi शब्दों के जरिए आप जानना चाहते हैं कि

  • एंजियोग्राफी टेस्ट क्या होता है,
  • यह टेस्ट क्यों किया जाता है
  • यह टेस्ट कैसे होता है
  • यह टेस्ट करवाने से पहले किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है
  • यह टेस्ट कहां पर होता है और कितना रुपया लगता है 

इन सभी प्रश्नों के उत्तर आपको इस लेख में मिलेगा, इसके साथ आप को difference between angiography and angioplasty in hindi बताया जाएगा ! कृपया लेख को अंत तक ज़रुर पढ़ें!

What is angiography test in hindi

Angiography meaning in hindi- Angiography को हिन्दी में वाहिकाचित्रण या वाहिकालेख रक्त वाहिनी कहते हैं !

यह टेस्ट एक तरह से एक्सरे जैसा है जिसमें artery (धमनी) और vein (शिरा) में रक्त संचार की अवस्था को एक्सरे फिल्म में दर्शाया जाता है ! खून का थक्का जमने से या अन्य कारणों से खून के प्रवाह में रुकावट के कारणों का पता आसानी से चल जाता है !

एंजियोग्राफी का अविष्कार किसने किया था ? एंजियोग्राफी का खोज पहली बार 1927 में पुर्तगाली फिजशियन व न्यूरोलॉजिस्ट इगास मोनिज ने किया था जिसके लिए उनको नोबेल पुरस्कार  से सम्मानित किया गया था !

एंजियोग्राफी क्यों किया जाता है

यह टेस्ट हृदय के धमनी व शिरा में रुकावट एवं सिकुड़न जानकारी हासिल करने किया जाता है ! हृदय के अलावा मस्तिष्क और किडनी के लिए भी यह टेस्ट क्या जाता है ! नीचे कुछ लक्षणों के बारे में बताया गया है जिनकी आधार पर, आपके डाक्टर आपको एंजियोग्राफी कराने की सलाह दे सकते हैं !

  • कोरोनरी धमनी रोग के लक्षण, जैसे सीने में दर्द (एंजिना)
  • आपकी छाती, जबड़े, गर्दन, हाथ और पैर में दर्द जिसे अन्य टेस्ट द्वार सुलझाया ना सका हो
  • कंजेनिटल हार्ट डिजीज (जन्मजात हृदय रोग)
  • Noninvasive heart stress टेस्ट का नकारात्मक परिणाम
  • अन्य रक्त वाहिकाओं की समस्याएं या छाती की चोट
  • हृदय वाल्व समस्या जिसके लिए सर्जरी की आवश्यकता हो
  • हृदय की या अन्य धमनी में रुकावट एवं सिकुड़न हो

Angiography कैसे होता है

एंजियोग्राफी कई प्रकार के होते हैं जैसे फेमोरल एंजियोग्राफी (जाँघ), सेरेब्रेल एंजियोग्राफी (मस्तिष्क) और फ्लोरोसीन एंजियोग्राफी (रेटिना) आदि ! अलग-अलग प्रकार के एंजियोग्राफी करने का तरीका अलग होता है लेकिन कुछ बातें कोमन होती है, यह आप जान लें !

लोकल एनेस्थीसिया के द्वारा बाँह या जाँघ सुन करके उसके अंदर कैथेटर या तार डालकर उसकी धमनियों में आये अवरोधों पता लगाया जाता है और उसका एक्सरे फिल्म बनाया जाता है !

एक्सरे फिल्म पर बेहतर चित्रण के लिए डाई  प्रयोग किया जाता है ! इस पूरे टेस्ट की अवधि 6 से 12 घंटे की हो सकती है !

यह टेस्ट करवाने से पहले इन बातों का का ध्यान रखना आवश्यक है

एंजियोग्राफी करवाने के लिए मरीजों से कहा जाता है कि वह खाली पेट अस्पताल खाएं  ! सलाह यह भी की जाती है कि 7 से 8 घंटे पहले कोई दवाई ना खाएं, पर आप अपने डॉक्टर से कन्फर्म होने के बाद ही ऐसा करें !

यह टेस्ट करवाने के बाद किन बातों का का ध्यान रखना आवश्यक है

इस टेस्ट के बाद रोगी को 6 से 12 घण्टे तक अपने पैर और हाथ को बिना हिलाये लेटे रहना पड़ सकता है लेकिन रेडियल एंजियोग्राफी लेटे रहने की आवश्कता कम देर के लिए हो सकता है ! कम से कम छह घंटे तक लाइट डाइट लेनी को कहा जाता है !

यह टेस्ट कहां पर होता है और कितना रुपया लगता है

यह टेस्ट बड़े हॉस्पिटलों में ही होता है, आप अपने कार्डियोलॉजिस्ट के सलाह अनुसार भी उनके बताए स्थान पर यह टेस्ट करवा सकते हैं ! दिल्ली का सबसे फेमस हृदय अस्पताल एस्कॉर्ट् का कोरोनरी एंजियोग्राफी टेस्ट का फ़ीस लगभग ₹16000 है !

Difference between Angiography and Angioplasty in hindi

एंजियोग्राफी एक प्रकार का टेस्ट जिसमें धमनी व शिरा में रुकावट एवं सिकुड़न जानकारी हासिल करने किया जाता है !

एंजियोग्राफी दौरान या उसके बाद एंजियोप्लास्टी किया जाता है जिसमें संकुचित या बाधित धमनियों या नसों को बैलून डालकर खोल भी दिया जाता है, इसलिए एंजियोप्लास्टी को गुब्बारा एंजियोप्लास्टी कहते हैं !