भारत के 10 सबसे बड़े भूकंप - भूकंप के प्रभाव

By: Abuzar Niyazi Last Edited: 04 Mar 2019 02:33 AM

भारत के 10 सबसे बड़े भूकंप

भूकंप के प्रभाव को समझने के लिए, अब तक भारत में आये 10 सबसे बड़े भूकंप का वर्णन करना चाहता हूं जो निम्नलिखित है -

भारत के सबसे बड़े भूकंप - 1 - हिंद महासागर - 2004

सुबह 8:50, 26 दिसंबर 2004 हिंद महासागर में 9.3 तीव्रता वाला भूकंप आया था जिसमें 283,106 लोगों की मौत हुई थी !

2 - कश्मीर - 2005

8:00 बज कर 50 मिनट और 37 सेकंड, तारीख 28 अक्टूबर 2005 को 7.6 का विनाशकारी भूकंप आया था जिसमें 13000 लोगों की मौत हुई थी  !

3 - बिहार और नेपाल भूकंप - 1934

रात 2 :13 मिनट तारीख 15 जनवरी 1934 में 8.7 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 30, 000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी !

4 - गुजरात भूकंप - 2001

सुबह 8:50, तारीख 26 जनवरी 2001 को 7.7 तीव्रता वाला भूकंप आया था जिसमें 20000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी  !

5 - काँगड़ा - हिमाचल प्रदेश - 1905

सुबह 6:10 तारीख 4 अप्रैल 1905 को 7.8

तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 20000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी!

6 - लातूर, महाराष्ट्र 1993

रात 10:35, तारीख 30 सितंबर 1993 को 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 9 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी!

7 - असम - 1950

रात 07:39, तारीख 15 अगस्त 1950 को 8.6 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी!

8 - असम - 1897

शाम 05:11तारीख 11 जून 1897 को 8.1 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 1.5 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी!

9 - उत्तर काशी - 1991

20 अक्टूबर 1991 को 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 1 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी

भारत का सबसे बड़ा भूकंप - 10 - कोयन नगर, महाराष्ट्र - 1967

सुबह 4:30, तारीख 11 दिसंबर 1967 को 6.5 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी !

भूकंप की त्रासदी पर निबंध

भूकंप की त्रासदी सबसे भयंकर त्रासदी में से एक है क्योंकि इसमें इंसान को कुछ पता नहीं होता है ! कब भूकंप आने वाला है ! लेकिन जब आ जाता है तो विनाश का ऐसा तांडव मनुष्य के सामने पेश करता है कि मनुष्य की मानवता भी कांपने लगती है  !

ऊपर लिखे डाटा से आप समझ सकते हैं कि मौत की संख्या लाखों व हजारों में हो सकती है  !

लेकिन बर्बादी का आकलन करना लगभग नामुमकिन है क्योंकि फिर से गांव व शहर को बसाना पहले जैसा मुमकिन नहीं हो पाता है !

मानों की वहां पर गरीबी नये तरीके से जन्म ले रखा हो ! हमें अपने प्रकृति की रक्षा करना चाहिए ताकि प्राकृतिक विपदाओं भूकंप जैसे त्रासदी फिर से देखने को ना मिले  !