Female Body Parts Name in Hindi With Picture

 Female Body Parts Name in Hindi | Female Body Parts Name in Hindi With Picture | Female Private Body Parts Name in Hindi | स्त्री के शरीर की जानकारी

 

स्त्री के शरीर की जानकारी 

 

मनुष्य को लिंग के आधार पर तीन जेंडरों में विभाजित किया गया है

  • महिला
  • पुरुष
  • ट्रांसजेंडर ( तीसरा लिंग)

इन तीन जेंडरों में क्रोमोजोम (गुणसूत्र) का अंतर होता है जिस कारण इसके प्राइवेट बॉडी पार्ट में भी अंतर देखा जाता है !

Female - क्रोमोजोम - 44 ऑटो जोम + XX(2) सेक्स क्रोमोजोमे = 46 क्रोमोजोम होते हैं !

Male - क्रोमोजोम - 44 ऑटो जोम + XY(2) सेक्स क्रोमोजोमे = 46 क्रोमोजोम होते हैं !

Transgenders यानी छक्का / किन्नर - महिला एवं पुरुष से इसकी क्रोमोजोम भिन्न होती हैं! यह माता पिता नहीं बन सकते क्योंकि इनका जेनाइटल ऑर्गन पूरी तरह डेवलप नहीं होता है! किन्नर बच्चों को जन्म भी सम्मानीय महिलाएं देती हैं बाद में उसे किन्नर अपना लेता है !

Female body parts name in hindi

महिला शरीर के बारे मे जानकारी

महिला शरीर और पुरुष शरीर में ज्यादातर समानताएं हैं लेकिन जनन अंगों में विषमताएं हैं ! अगर बालों की बात करें तो पुरुष के छाती एवं उनके पूरे शरीर में महिलाओं के मुकाबले ज्यादा बाल होते हैं! महिला शरीर नरम एवं आकर्षक होते हैं जबकि पुरुष का शरीर ज्यादा मस्कुलर और सख्त होते हैं ! अगर आवाज की बात करें तो महिलाओं में एडमष एेपल छोटा होता है जिससे उसका आवाज मर्दों के मुकाबले ज्यादा आकर्षक होता है!

स्त्री के शरीर की जानकारी 

  • स्तन

  • योनि

  • गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स)  
  • गर्भाशय (गर्भ)

  • फेलोपियन ट्यूब

  • अंडाशय

मादा प्रजनन प्रणाली की जिम्मेदारी केवल यौन संभोग के लिए सीमित नहीं होती है उसके अलावा गर्भधारण, शिशु का जन्म शिशु को दूध पिलाना और मूत्र बाहर निकालना आदि शामिल है, ऊपर दिए गए चित्र के अनुसार महिला शरीर के अंगों मानव शरीर में पोजीशन का अंदाजा लगाया जा सकता है !

Female Private Body Parts Name in Hindi

अंडाशय

महिलाओं में दो अंडाशय से होती है जिसका आकार एवं साइज बादाम जैसा होता है ! अंडाशय पैल्विक शरीर गुहा के पार्श्व पर स्थित होता है जो कि गर्भाशय से ऊपर का हिस्सा होता है!  एक अंडा से दाएं तरफ तो दूसरा अंडाशय बाई तरफ होता है !

अंडाशय का मुख्य कार्य अंडा बनाना होता है! अंडाशय फीमेल सेक्स हार्मोन का बनाता है जिसे एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन कहते हैं ! यही दोनों हार्मोन फीमेल में सेकेंडरी सेक्सुअल कलेक्टर को डेवलप करता है !

फेलोपियन ट्यूब

इसे ओवीड्यूक्ट्स के नाम से भी जाना जाता है। यह संकीर्ण ट्यूब (पाइप) हैं जिस की संरचना फ़नल-आकार का होता है! दाएं और बाए तरफ के दोनों अंडाशय से जुड़ा होता है !

फेलोपियन ट्यूब के बीच के स्थान को एम्पाल्लारी इस्तंमस जंक्शन कहते हैं जहां पर शुक्राणु और अंडा मिलकर नए भ्रूण को जन्म देती है जिसे फर्टिलाइजेशन कहते हैं विफल होने पर ही अंडा मासिक धर्म में परिवर्तित हो जाता है ! फर्टिलाइजेशन हो जाने पर भ्रूण गर्भाशय में चला जाता है जिसे इंप्लांटेशन कहते हैं !

गर्भाशय (गर्भ)

गर्भाशय एक खोखले, पेशी, नाशपाती के आकार का अंग है जो मूत्राशय के पीछे और ऊपर होता है। गर्भाशय को आम भाषा में लोग बच्चादानी भी कहते हैं ! गर्भाशय का ऊपरी हिस्सा फैलोपियन ट्यूब्स जुड़ा होता है जबकि निचला हिस्सा योनि से सर्विक्स (via the cervix) के माध्यम से जुड़ा होता है !

गर्भवती महिलाओं में गर्भाशय बड़ा होता है जबकि जो महिलाएं गर्भवती नहीं होती है उनका गर्भाशय काफी छोटा होता है! भ्रूण आकार जैसे बड़ा होता है उसके अनुसार गर्भाशय का आकार भी बड़ा होता है! भ्रूण के लिए सभी पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति एवं अपशिष्ट पदार्थ त्याग प्लासेंटा करता है जो एक तरफ अंडाशय के दीवार से जुड़ा होता है तो दूसरा अोर भ्रूण अंबिलिकल कॉर्ड से जुड़ा होता है !

गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स)  

गर्भाशय ग्रीवा या गर्भाशय ग्रीवा (लैटिन: गर्भाशय की गर्दन) मानव महिला प्रजनन प्रणाली में गर्भाशय का निचला भाग है। एक गैर-गर्भवती महिला में, गर्भाशय ग्रीवा आमतौर पर 2 से 3 सेंटीमीटर लंबा (~ 1 इंच) और आकृति में मोटे तौर पर बेलनाकार होता है।

गर्भाशय ग्रीवा बलगम पैदा करता है जो गर्भावस्था को रोकने या बढ़ावा देने के लिए मासिक धर्म चक्र के दौरान निरंतरता में परिवर्तन करता है। बच्चे के जन्म के दौरान, गर्भाशय ग्रीवा  व्यापक रूप से फैलता है जिससे बच्चे जन्म होना मुमकिन होता है!

माहवारी के दौरान गर्भनाल मासिक धर्म प्रवाह के पारित होने के गर्भाशय ग्रीवा थोड़ा सा खुलता है !

योनि

योनि एक लचीला एवं मस्कुलर ट्यूब है जो गर्भाशय के गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) को बाहरी दुनिया से जोड़ती है ! योनि गर्भाशय के नीचे एवं चुनरी ब्लैडर के पीछे स्थित होता है !

योनि के बाहरी हिस्से को मेडिकल साइंस में Vulva कहते हैं और इसमें मोनस प्यूबिस, लेबिया मेजोड़ा, लेबिया मिनोरा और भगशेफ शामिल हैं।

मोनस प्यूबिस (Mons Pubis) - मोन्स प्यूबिस, त्वचा की मोटी एडीपोज ऊतकों से बनी होती है और उसके नीचे प्यूबिक बोन होता है! जो सेक्सुअल इंटर कोर्स को गद्देदार एहसास देता है ! मोनस प्यूबिस का निचला हिस्सा दो भागों में बांट जाता है जिसे लेबिया मेजोड़ा कहते हैं !

लेबिया मेजोड़ा (Labia Majora) - लेबिया मेजोड़ा और मोनस प्यूबिस जेनाइटल बालों से घिरा होता है !

लेबिया मिनोरा (Labia Minora) - लेबिया मेजोड़ा के अंदर पतला, नरम, बिना बाल, घुमावदार एक त्वचा होता है जिसे लेबिया मिनोरा कहते हैं ! लेबिया मिनोरा का निचला हिस्सा मूत्रमार्ग एवं गर्भाशय ग्रीवा से जुड़ा होता है !

भगशेफ (Clitoris) - लेबिया मिनोरा का ऊपरी हिस्सा एक छोटा सा मांस होता है जो इरेक्टाइल टिशू से बना होता है ! भगशेफ सेक्स सेंसेशन वाली तंत्रिका से जुड़े होते हैं जो सेक्सुअल इंटर कोर्स को आरामदायक बनाता है ! भगशेफ के सेंसेशन से महिलाएं अपने योनि में पानी छोड़ती हैं जिससे सेक्सुअल इंटर कोर्स आसान हो जाता है ! भगशेफ वह फॉल्स पेनिस भी कहते हैं !

योनि के मुख्यतः चार काम है पहला मूत्र को पास करना, दूसरा संभोग करना ( पुरुष लिंग का योनि के अंदर जाना ), तीसरा बच्चे को जन्म देना इसीलिए योनि को बर्थ केनाल भी करते हैं और महावारी का ब्लड निकलना !

स्तन - महिलाओं के सीने पर दो स्तन होते हैं जो 10 से 11 साल की उम्र से बड़ा होना शुरू होता है, बच्चे के जन्म के बाद माता अपने स्तन से अपने बच्चे को दूध पिलाती हैं !

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