Hijra Kya Hota Hai

By: Dr. K. K. Jha Last Edited: 02 Mar 2019 04:38 AM

Hijra Kya Hota Hai

हिजड़ा क्या होता है

मानव के ऐसा जाति को किन्नर या हिजड़ा कहते हैं जो लैंगिक रूप से न तो नर यानि पुरुष होते हैं न ही मादा यानी स्त्री । यह जाति के लोग माता पिता नहीं बन सकते क्योंकि उनका प्रजनन अंग पूरी तरह विकसित नहीं होता है !  

सेकेंडरी सेक्सुअल करेक्टर मिक्स होते हैं और कुछ करेक्टर नर वाला व कुछ करेक्टर मादा वाली होती हैं ! आज के समय में इस मानव जाति को थर्ड जेंडर के नाम से जाना जाता है जिसे ट्रांसजेंडर भी कहते हैं !

किन्नर किसे कहते हैं

किन्नर एक जाति का भी नाम है जो हिमालय के कन्नोर प्रदेश ( हिमवत्‌ और हेमकूटि ) में रहते हैं उनकी भाषा कन्नौरी है ! लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि हिजड़ा उर्दू शब्द है और किन्नर हिंदी शब्द है !

आज के समय में सरकार एवं समाजिक संगठन इसे ट्रांसजेंडर नाम दिया है यानि कि तीसरा लिंग ( तृतीय प्रकृति के लोगों ) !

अन्य भाषाओं एवं क्षेत्रीय भाषाओं में हिजरा को क्या कहते हैं

  • तेलुगु - नपुंसकुडु, कोज्जा या मादा
  • तमिल - थिरु नंगई, अरावनी
  • अंग्रेजी - Eunuch /Hermaphrodite / LGBT
  • गुजराती - पवैय्या
  • पंजाबी - खुसरा
  • कन्नड़ - जोगप्पा
  • भारत के अन्य जगह पर - Hijra / छक्का / किन्नर / हिजड़ा / खोजा / नपुंसक  / थर्ड जेंडर, आदि  !

हिजड़ा का इतिहास

हिजड़ा का इतिहास काफी पुराना है जबसे मनुष्य जाति धरती पर है तभी से हिजड़ा का इतिहास है ! महाभारत और रामायण के पन्नों को पलटेंगे तो पता चलेगा कि वहां पर हिजड़ों का इतिहास रहा है !

पहले किन्नर राजाओं एवं महाराजाओं के घर पर नाचने और गाने के काम क्या करते थे साथ ही शादी व बच्चों के जन्म पर भी वह नाच-गाना करते थे !

शादी में नाच-गाने का काम अभी भी करते हैं जो उनका आय का मुख्य स्रोत है लेकिन कुछ सालों से देह व्यापार में भी शामिल रहे हैं !

मुगल के समय में हिजड़ों को राज-दरबारी काम मिला था ! भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में हिजड़ों ने सक्रिय भूमिका निभाई थी जिसके कारण ब्रिटिश सरकार ने हिजड़ा समुदाय को अपराधी घोषित कर दिया था जबकि 1949 में इस कानून को निरस्त कर दिया गया था  !

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद भारत में हिजड़ो को अन्य नागरिकों की तरह सभी मौलिक अधिकार प्राप्त हैं !

छक्का या हिजड़ा या किन्नर कैसे पैदा हो जाते है

आप जैसा कि जानते हैं किन्नर या हिजरा माता पिता नहीं बन सकते हैं लेकिन सवाल उठता है कि किन्नर कैसे पैदा हो जाते हैं ? आपको बता दूं कि किन्नरों का जन्म भी हमारे ही घर में होता है !

किन्नर के रूप में जन्मे बच्चे को माता पिता स्वयं किन्नरों के हवाले कर देते हैं या किन्नर खुद उसे ले जाते हैं जिसका वह लालन पोषण करते हैं !

मानव जाति का क्रोमोसोम संख्या 46 होता है जिसमें 44 आटोजोम होता है जबकि बाकी दो सेक्स क्रोमोजोम होते हैं !

यही दो सेक्स क्रोमोसोम सब कुछ का निर्णय करता है अगर यही दो सेक्स क्रोमोसोम XY है तो वह पुरुष कहलाता है जबकि, XX होने पर महिला कहलाता है ! XY और XX क्रोमोसोम के इलावा ( XXX, YY, OX ) क्रोमोसोम वाले मनुष्य को क्रोमोसोमल डिसऑर्डर बोलते हैं जिसे आम भाषा में छक्का या हिजड़ा या किन्नर बोलते हैं !

जब बच्चा मां के गर्भ में पल रहा होता है कुछ कारणों से क्रोमोजोम नंबर में या क्रोमोसोम की आकृतियों में परिवर्तन हो जाता है जिसके कारण किन्नर पैदा हो जाते है  !

किन्नर की संख्या लगातार देश में घट रहा है क्योंकि अब मेडिकल साइंस यह पता कर लेता है कि मां के गर्भ में पलने वाला बच्चा किन्नर तो नहीं है अगर होता है तो उसे गर्भ में ही मार दिया जाता है जिसे मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी बोलते हैं !

किन्नर की शव यात्रा

किन्नर समुदाय का मौत का भी कहानी बिल्कुल अलग है किन्नर की मौत पर किन्नर समुदाय के लोग 1 हफ्ते का उपवास रखते हैं लेकिन वह गम नहीं मनाते हैं, उसका मानना है कि मरने के बाद इस नर्क रूपी जीवन से छुटकारा मिल जाता है  !

किन्नर की शव यात्रा रात्रि के समय निकलता है, इस यात्रा में किन्नर समाज के सभी लोग शामिल होते हैं और यह ध्यान रखते हैं कि गैर किन्नर समाज के लोग इसे ना देखें ! किन्नर मुर्दों को जलाया नहीं जाता है बल्कि इसे दफनाया जाता है ! किन्नरों की शादी सिर्फ 1 दिन के लिए होती है !