Sapno Ka Matlab in Hindi

Science Ke Anusar

Sapno Ka Matlab in Hindi - Science Ke Anusar | सपने का अर्थ

सपने का अर्थ

Sapno ka matlab in hindi कीवर्ड के जरिए आप सपनों के बारे में सही जानकारी चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकता है ! सपनों की जानकारी के कई आधार है जिनमें प्रमुख वैज्ञानिक, दार्शनिक, एवं धार्मिक हैं! दोस्तों, यह लेख पूर्णतः साइंस पर आधारित है !

स्वप्न को आसान भाषा में सपना (Sapna) कहते हैं जबकि अंग्रेजी में इसको ड्रीम (Dream) कहते हैं ! स्वप्न साइंटिफिक अध्ययन को स्वप्न विज्ञान यानि ओनेरॉलॉजी (Oneirology) कहते हैं !

स्वप्न क्या है

जब आप सोते हैं, सपना देखने के बाद लोगों को बताते हैं ! क्या आपने सोचा है कभी, सपना क्या होता है ? सपना को आप कैसे परिभाषित करेंगे?

जब मनुष्य गहरी नींद में होता है, उसके दिमाग में छवियों, विचारों, संवेदना व भावनाओं आगमन होता है उसे स्वप्न कह सकते हैं ! सपना मनुष्य की यादों, कल्पनाओ, सोचविचारों, भावनाओं, इच्छाओं के साथ डर का मिश्रित प्रारूप होता है !

साइकेट्रिस्ट के अनुसार

‘’ मनुष्य सोते समय जो चेतना की अनुभूतियों को अपने दिमाग में महसूस करता है उसे सपना कहते हैं ‘’

क्या आप हर रात सपने देखते हैं ?

जी हाँ, आप जब कभी भी सोते हैं तो आप सपना जरूर देखते हैं लेकिन साइंस के अनुसार 99.99% सपनों को आप याद नहीं रख पाते हैं ! इसलिए आपको लगता है कि आप सपने कभी कभार ही देखते हैं !

क्या आप सपने में, अपने आप को पहचानते हैं ?

अगर सपने में आप अपने आपको पहचान जाते हैं, और आपको लगता है कि मैं यह कर रहा हूं, वह कर रहा हूं ! इसका मतलब यह है कि आपका दिमाग काफी शक्तिशाली है ! अगर आपका सपना वर्तमान काल का देख रहे हैं और सपने में आप अपने आप को पहचान पा रहे हैं, तो यह खतरनाक भी हो सकता है ! कमजोर दिमाग वाले को ऐसा सपना कोमा में भी ले जा सकता है !

सपना साइंस के अनुसार

Sapno Ka Matlab in Hindi - Science Ke Anusar | सपने का अर्थ

कुछ लोग आज के समय में भी सपनों की चर्चा भविष्य बताने में करते हैं ! आधुनिक विज्ञान में इस तरह की धारणाएं को निराधार व अंधविश्वास मानते हैं ! स्वप्नों की जानकारी के लिए दुनिया में कई बड़े अनुसंधान किए गए हैं जिनसे यह बातें निकल कर सामने आया है !

बाहरी उत्तेजनाओं और दबी इच्छाओं का सबसे ज्यादा प्रभाव आपके सपनों पर होता है ! रिसर्च में पाया गया कि सोए हुए आदमी के पैर पर ठंडे पानी का उपयोग किया गया तो उसे नदी का सपना आया जबकि ठंड लगने से उसे नदी में नहाने का सपना आने लगा !

उत्तेजनाओं मानव के शरीर में विभिन्न न्यूरॉन एक्टिव होते हैं जिसके कारण उसके दिमाग में अलग-अलग प्रकार के सपने आने लगते हैं !

दबी इच्छाओं का भी सपनों पर काफी प्रभाव है, जब कोई पिता अपने बच्चों को चॉकलेट खाने से रोकता है और डांटता है ! बच्चा डर से चॉकलेट खाना बंद कर दें तो, उसकी इच्छाएं दब जाती है ! ऐसे बच्चे ऐसे बच्चों में खाने पीने के सपने ज्यादा आने लगते हैं  !

जब कोई पुरुष रेगुलर संभोग करता है तो उसे सपनों में संभोग से संबंधित सपने कम ही आते हैं ! वही पुरुष जब बहुत दिनों तक संभोग नहीं कर पाता है तो उसे संभोग से संबंधित सपने आने लगते हैं ! दबी इच्छाएं जगने लगता है और उत्तेजनाओं के याददाश्त मजबूत होने लगते हैं, जिस कारण उसे सपना आता है !

स्वप्नों के अध्ययन

सपनों के अध्ययन के लिए मनोवैज्ञानिक सम्मोहन का प्रयोग करते हैं ! सम्मोहन को अंग्रेजी में Hypnosis कहते हैं जिसके द्वारा आदमी को उस के अर्धचेतनावस्था में लाया जाता है! अर्धचेतनावस्था मनुष्य वह सारी बातें बताना शुरू करता है जो उसके मन में इच्छाएं दबी थी या उनका पिछला जिंदगी कैसा था !

दुनिया के दो बड़े मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड और चार्ल्स युंग ने स्वप्नों पर रिसर्च किया था, उसने कई चौकाने वाले जानकारी दुनिया को दी थी !

सिगमंड फ्रायड के अनुसार,

मनुष्य उन इच्छाओं को अपने सपनों में जगह देता है जिनको वह जगे हुए अवस्था में पूरा नहीं कर सकता है! सपनों में अधिकतर हमारी दबी इच्छाएँ ही छिपकर विभिन्न प्रतीकों के द्वारा प्रकाशित होती हैं।

चार्ल्स युंग ने अनुसार

चार्ल्स युंग ने अनुसार, सपना समय और स्थान के साथ साथ मनुष्य के व्यक्तित्व पर भी निर्भर करता है ! मनुष्य सपनों के द्वारा जीवनोपयोगी शिक्षा प्राप्त कर सकता है ! आदमी सपनों के द्वारा ऐसी बातें जाने के काबिल है, दुर्घटनाओं और दु:खों से बचा सकता है।

उम्मीद करता हूं कि आपको साइंस के अनुसार सपनों का मतलब समझ में आ गया होगा ! अंत में इस बात को याद रखें कि हम Sapno में उन्हीं बातों को देखते हैं जिनके संस्कार हमारे दिमाग पर बन जाते हैं।

 

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