HIV AIDS in Hindi

By: Dr. K. K. Jha Last Edited: 02 Mar 2019 04:25 AM

hiv aids in hindi

दुनिया के सबसे घातक बीमारियों में एक है एड्स ! विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इस रोग भारत में प्रत्येक वर्ष 10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो रहे हैं !

इस बीमारी का मुकम्मल इलाज अभी मुमकिन नहीं हो पाया है ! लेकिन कुछ रिसर्च हो रहे हैं ! जिससे आप उम्मीद कर सकते हैं कि भविष्य में इसका एक मुकम्मल इलाज हो !

Hiv Aids in hindi और AIDS in hindi शब्दों के जरिए हिन्दी भाषा को पसंद करने वाले पाठक एड्स की जानकारी चाहते हैं ! दोस्तों, इस लेख को आप 5 मिनट का समय दीजिए ! आप की जानकारी यहां पर पूरी हो जाएगी !

एड्स क्या है

एड्स एक सिंड्रोम है और बीमारी नहीं है, यह पढ़ आप जरूर हैरान हो गए होंगे ! एड्स का फुल फॉर्म एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशियेंसी सिंड्रोम (AIDS) है ! बीमारी और सिंड्रोम में क्या फर्क है ?

एचआईवी एड्स

जब हमारे शरीर का कोई अंग सही से काम नहीं करता है और उसके लक्षण दिखने लगते हैं उसे हम बीमारी कहते हैं ! जबकि सिंड्रोम का मतलब होता है कि आप का वह अंग नहीं रहा और उसके ज्यादा लक्षण आपको नहीं दिख रहा है !

एचआईवी ( ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस) वायरस के संक्रमण से मनुष्य में एड्स होता है ! एचआईवी मनुष्य की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून) को खत्म देता है ! जिससे मनुष्य अन्य बीमारियों से लड़ने की ताकत को खो देता है ! इसीलिए एड्स को सिंड्रोम कहते हैं !

एड्स से बीमार आदमी को कोई अन्य बीमारी हो जाए तो ज्यादातर चांस होता है कि उस बीमारी का इलाज नहीं हो पाएगा ! इसलिए आप कह सकते हैं कि एड्स का मरीज़ एड्स के कारण नहीं मरता है, वह तो किसी अन्य बीमारियों या संक्रमण या दोनों से मरता है !

एचआईवी एड्स खतरनाक कैसे

एचआईवी वायरस मूल रूप से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है और  प्रतिरक्षा प्रणाली कार्य करना कम या बंद कर देता है !

एक बार प्रतिरक्षा प्रणाली गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाने पर, आपके शरीर संक्रमण और कैंसर से लड़ने की क्षमता खो देता है !

प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यूनिटी सिस्टम आपके शरीर का कितना मजबूत है,  आप अपने सीडी 4 कोशिकाओं की गिनती से जान सकते हैं ! एक स्वस्थ मनुष्य में सीडी 4 कोशिकाओं की संख्या 500 से 1,600 प्रति घन मिलीमीटर के बीच में होता है !

एड्स के मरीजों में सीडी 4 कोशिकाओं की संख्या 500 प्रति घन मिलीमीटर से कम हो जाता है, जिसके कारण अवसरवादी संक्रमण रोगजनकों (बैक्टीरिया, वायरस, कवक,या प्रोटोजोआ) के कारण संक्रमण होते रहते हैं !

एड्स कैसे होता है

अब तो आप जान चुके होंगे कि एड्स, HIV विषाणु के कारण होता है ! अब मैं आपको बताना चाहता हूं कि एचआईवी वायरस का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्तियों तक कैसे पहुंचता है !

एचआईवी वायरस को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचने के लिए (संक्रमण) माध्यम की आवश्यकता होती है ! यह माध्यम हो सकता है - रक्त (मासिक धर्म रक्त सहित), वीर्य (सीमेन), योनि स्राव और स्तन का दूध ! वायरस की उच्चतम सांद्रता रक्त में पाई जाती है, इसके बाद वीर्य, ​​योनि तरल पदार्थ, और फिर स्तन दूध द्वारा पाया जाता है।

AIDS in Hindi

एचआईवी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक

  • यौन संपर्क का कोई भी रूप जिसमें वीर्य, ​​प्री-सह, योनि तरल पदार्थ या रक्त शामिल हो ।
  • संक्रमित रक्त - खासतौर पर संक्रमित इंजेक्शन साझा करने या संक्रमित रक्त चढ़ाने से
  • नशीली दवाईयां एवं पदार्थ इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन
  • एच.आई.वी. संक्रमित व्यक्तियों से अंग दान लेने से.
  • एच.आई.वी. संक्रमित व्‍यक्ति व्यक्तियों का इस्तेमाल किया गया बसेड व रेजर आदि से भी एड्स हो सकता है !
  • जन्म के दौरान या जन्म से पहले या स्तन दूध के माध्यम से बच्चे को एड्स हो सकता है .
एचआईवी संक्रमण होने के चांस, सबसे ज्यादा किस को है

एड्स होने के चांसेस सबसे ज्यादा किसे है ? आपको बता दूं कि एचआईवी संक्रमण आयु, जाति, लिंग और स्थान से कोई मतलब नहीं है ! उन लोगों को ज्यादा चांस है कि एड्स का संक्रमण हो -

  • असुरक्षित यौन संबंध या वेश्यावृत्ति या अनेक यौन संबंध पार्टनर रखता हो.
  • जननांग क्षेत्र में घाव से संक्रमण हो सकता है, ऐसे पार्टनर के साथ जो यौन संबंध रखता हो.
  • नशीली पदार्थ एवं ड्रग्स लेते समय जो इंजेक्शन को साझा करते हो.
  • ब्लेड, रेजर व अस्तूरा दूसरे का इस्तेमाल किया हुआ फिर उसे वह यूज़ करता हूं.
  • एड्स से पीड़ित माताओं से जन्म लेने वाला शिशु या दूध पीने वाला शिशु.

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