भारत की बढ़ती जनसंख्या निबंध

 जनसंख्या वृद्धि - Hindu Muslim Population Fight व जनसंख्या वृद्धि के कारण | बढ़ती जनसंख्या पर निबंध - भारत की बढ़ती जनसंख्या निबंध

 

जनसंख्या वृद्धि

जनसंख्या वृद्धि दर क्या है ?

"जनसंख्या वृद्धि दर" वह दर है, जिस में व्यक्तियों की संख्या एक निश्चित अवधि में बढ़ जाती है, प्रारंभिक आबादी के एक अंश के रूप में व्यक्त की जाती है !

जनसंख्या वृद्धि दर का पता नीचे दिए गये सूत्र से किया जाता है  -

जनसंख्या वृद्धि दर = (जन्म दर + आप्रवासन) - (मृत्यु दर + उत्प्रवासन).

भारत में जनगणना हर 10 सालों में होता है जो कि 2011 में हुआ था अब 2021 में होगा ! ज्यादातर लोग जनसंख्या वृद्धि 10 सालों का निकालते हैं जबकि यह प्रतिवर्ष भी निकाला जा सकता है !

विश्व का जनसंख्या वृद्धि दर

दुनिया में जनसंख्या वर्तमान में (2017) प्रति वर्ष लगभग 1.12% की दर से बढ़ रही है जबकि वर्ष 2016 में 1.14%  था ! अगर पिछले 10 सालों का आंकड़े को मिला कर देखें तो 11 से 12% के बीच रहा है !

यूएन डीईएसए की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व की जनसंख्या 2030 तक 8.5 अरब, 2050 में 9.7 अरब और 2100 में 11.2 अरब तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा यह भी संभावना व्यक्त की गई है कि 2022 तक भारत की जनसंख्या चीन को पार कर जाएगा  !

भारत जनसंख्या वृद्धि दर

2011 के जनगणना के अनुसार (2001 से 2011), भारत जनसंख्या वृद्धि दर 17.64% रहा है जबकि पिछले दशक (1991 से 2001) 21.54% था ! पिछले दो दशकों को देखें तो जनसंख्या वृद्धि दर में 3.9% गिरावट देखा गया है !

भारत में हिंदू जनसंख्या वृद्धि दर

2011 के जनगणना के अनुसार (2001 से 2011), भारत में हिन्दू जनसंख्या वृद्धि दर 16.76% रहा है जबकि पिछले दशक (1991 से 2001) 19.92% था ! पिछले दो दशकों को देखें तो जनसंख्या वृद्धि दर में 3.16% गिरावट देखा गया है !

भारत में मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर

2011 के जनगणना के अनुसार (2001 से 2011), भारत में मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर 24.6% रहा है जबकि पिछले दशक (1991 से 2001) 29.52% था ! पिछले दो दशकों को देखें तो जनसंख्या वृद्धि दर में 4.92% गिरावट देखा गया है !

भारत में राज्यों जनसंख्या वृद्धि दर

2011 जनगणना के आंकड़ों के आधार पर

  1. दादरा और नगर हवेली - 55.5%
  2. दमन और दीव - 53.5%
  3. मेघालय - 27.8 %
  4. पांडिचेरी - 27.7%
  5. अरुणाचल प्रदेश - 25.9 %
  6. बिहार - 25.1%

Hindu Muslim Population Fight

2050 तक क्या स्थिति रहेगा ?

1991 से 2001 के 10 सालों में हिंदू जनसंख्या वृद्धि दर 19.92% और मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर 29.52% रहा था, जिसमें प्रतिशत में अंतर 9.6 का रहा था !

2001 से 2011 के 10 सालों में हिंदू जनसंख्या वृद्धि दर 16.76% और मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर 24.6% रहा था, जिसमें प्रतिशत में अंतर 7.84 का रहा था !

अगर दोनों दर्शकों का अंतर देखे तो पता चलता कि 9.6 - 7.84 = 1.76 है  ! 2021 के जनगणना में लगभग 2 प्रतिशत का अंतर रहेगा !

2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की आबादी का 79.8% हिंदू धर्म मानते हैं और 14.2% इस्लाम धर्म मानते हैं, जबकि शेष 6% अन्य धर्मों (ईसाई धर्म, सिख धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म और विभिन्न स्वदेशी आस्था वाले धर्मों) को मानते हैं !

भारत में लगभग 96.63 करोड़ हिंदू हैं, जबकि लगभग 17.22 करोड़ मुसलमान हैं !

इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि मुस्लिम पापुलेशन 2050 तक काफी तेजी से बढ़ेगा जबकि हिंदू पापुलेशन मुसलमानों की अपेक्षा कम तेजी से बढ़ेगा !

जनसंख्या वृद्धि के कारण

  • मृत्यु दर में कमी
  • जन्म दर में तेजी
  • प्रारंभिक विवाह
  • गरीबी और निरक्षरता
  • सांस्कृतिक आदर्श व धर्म
  • अवैध प्रवास
  • जनसंख्या नियंत्रण के उपाय की कमी

जनसंख्या वृद्धि के कारण कई हो सकते हैं, लेकिन हमें यह समझना होगा कि भारत का जनसंख्या वृद्धि दर विश्व की जनसंख्या वृद्धि दर के मुकाबले काफी ज्यादा है ! हमें जनसंख्या वृद्धि के सभी मुख्य कारणों को सही से समझने की आवश्यकता है !

मृत्यु दर में कमी

भारत में पिछले कई दशकों से मेडिकल सुविधाएं बढ़ा है जिनके कारण भारत में मृत्यु दर में काफी कमी आया है ! उसके साथ लोगों की आय भी बढ़ा है जिससे उनका रहन-सहन और खान-पान पहले से काफी बेहतर हुआ है !

जन्म दर में तेजी

भारत के पिछले कई दशकों जनसंख्या विस्फोट के नाम से जाना गया लेकिन उसका रफ्तार आज भी कम नहीं हुआ है, आज भी जन्म दर अन्य देश के मुकाबले भारत में ज्यादा है !

जल्द विवाह

भारत में विवाह के लिए कानून लड़कों के लिए 21 वर्ष है जबकि लड़कियों के लिए 18 वर्ष की आयु तय की गई है जबकि नॉर्थ ईस्ट के कुछ स्टेट में यह आयु सीमा इस से भी कम है ! दहेज व धार्मिक कारणों के कारण इस कानून को नहीं मानकर प्रारंभिक यानि जलद विवाह कर लेते हैं !

गरीबी और निरक्षरता

गरीबी भी बहुत बड़ा कारण है क्योंकि जिस को बेटी होता है वह यह सोचते हैं कि मैं अपनी बेटी का शादी जल्द कर कर अपनी परेशानियों से मुक्त हो जाऊंगा ! शिक्षा के कमी के कारण लड़कियों की शादी बहुत कम उम्र में हो जाती है, जिससे वह जल्द ही मां बन जाती है और उनका स्वास्थ्य खराब हो जाता है ! ज्यादा बच्चों की प्रवृत्ति भी देखी जाती है उसे लगता है कि अगर हमारे बच्चे ज्यादा होंगे तो हमारे कमाने वालों का स्रोत भी बढ़ेगा और उसके साथ हमें सरकारी योजनाओं का भी लाभ ज्यादा मिलेगा ! क्योंकि भारत में परिवार की संख्या के हिसाब से कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है ! बिहार, भारत का सबसे कम साक्षरता वाला राज्य है उसी कारण वहां का जनसंख्या वृद्धि दर 25.1 प्रतिशत है !

सांस्कृतिक आदर्श व धर्म

जनसंख्या वृद्धि में सांस्कृतिक आदर्शों का भी काफी महत्व रहा है, क्योंकि भारत में यह माना जाता है कि पुत्र कमाई का स्रोत होता है उसके लिए वह कई प्रयास करते हैं ! कई धर्म ऐसे भी हैं जहां पर लोग जनसंख्या नियंत्रण के सभी तरीकों को अपनाने से एतराज़ करते हैं !

अवैध प्रवास

भारतीय सीमाओं के आसपास ज्यादातर गरीब देश हैं वहां के लोग अवैध रूप से भारत में प्रवास करते हैं और उनकी जनसंख्या तेजी से बढ़ रहा है जो एक चिंता का विषय हो सकता है !

जनसंख्या नियंत्रण के उपाय की कमी

जनसंख्या नियंत्रण के सभी उपायों की जानकारी अभी भी गांव के लोगों में नहीं है जिस कारण जनसंख्या का नियंत्रण होना मुश्किल हो रहा है ! भारत की सांस्कृतिक विरासत एेसा है जहाँ पर लोग जनसंख्या नियंत्रण की बात खुलकर नहीं कर सकते हैं, ऐसे में तारीफ करना होगा भारत सरकार का जिसने अनेक योजनाओं से जनसंख्या नियंत्रण करने का सराहनीय काम किया है !

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