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मुगल गार्डन 2019 में कब खुलेगा

क्या आप भारत के सबसे प्रसिद्ध मुगल गार्डन की जानकारी चाहते हैं ? Mughal Garden in Hindi शब्दों के जरिए आप इंटरनेट पर सर्च करते हैं ! क्या आप इससे संबंधित प्रश्नों का उत्तर जानना चाहते हैं ?

मुगल गार्डन 2019 में कब खुलेगा ? मुग़ल उद्यान किस दिन बंद रहता है ? यह गार्डन कितने दिनों के लिए खुलता है ? वहां तक जाने के लिए सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन कौन है ? इस गार्डन को किसने बनवाया था ?

आपको इन प्रश्नों के उत्तर के साथ साथ इस गार्डन का ए टू जेड इंफॉर्मेशन इस लेख में दिया जाएगा ! कृपया इस लेख को आखिर तक ज़रूर पढ़ें !

Mugal Garden Ka Opening Date Kiaya Hai

मुगल गार्डन का दरवाजा प्रत्येक वर्ष 5 या 6 फरवरी को आम लोगों के लिए खुल जाता है ! वर्ष 2019 के लिए राष्ट्रपति भवन के तरफ से तिथि घोषित नहीं हुआ है ! जैसे ही कोई अपडेट आएगा आपको इस पेज पर मिलेगा !

8 से 9 मार्च के बीच आम लोगों के लिए मुगल गार्डन के बंद हो जाते हैं ! आपको अगर इस गार्डन का दीदार करना चाहते हैं तो आपको इसी दिनों का चुनाव करना पड़ेगा !

खुलने का समय सुबह के 9.30 से शाम 4 बजे तक रहता है ! 6 से 9 मार्च के बीच पड़ने वाले सोमवार व होली के दिन में मुगल गार्डन बंद रहता है !

मुगल गार्डन कहाँ पर है

मुगल गार्डन भारत के राजधानी नई दिल्ली में है, जो राष्ट्रपति भवन (नॉर्थ एवेन्यू) के पीछे के भाग में स्थित है ! आम जनता के लिए प्रवेश व निकासी की व्यवस्था प्रेसीडेंट एस्टेट के गेट संख्या 35 से होती है!

मुगल गार्डन Near Metro Station

मुगल गार्डन के लिए सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन का नाम सेंट्रल सेक्रेटरिएट है ! जो वायलेट और येलो लाइन से जुड़ा है ! अगर आप रेल भवन के तरफ से बाहर निकलते हैं, तो आपके ज्यादा नज़दीक होगा !

मुगल गार्डन भारत के राजधानी नई दिल्ली में है जो राष्ट्रपति भवन (नॉर्थ एवेन्यू) के पीछे के भाग में स्थित है ! आम जनता के लिए प्रवेश व निकासी की व्यवस्था प्रेसीडेंट एस्टेट के गेट संख्या 35 से होता है!

मुगल गार्डन यह सामान लेकर न जाएं

  • पानी बोतल
  • ब्रीफकेस, हैंडबैग व लेडीज पर्स
  • कैमरा, रेडियो और ट्रांजिस्टर
  • डिब्बे, छाता, खाने का सामान

क्या सुविधाएं मिलता है

  • पीने का पानी
  • शौचालय
  • प्राथमिक चिकित्सा
  • बुजुर्गो, महिलाओं, बच्चों को रेस्ट रूम आदि

मुगल गार्डन किसने बनवाया था

भारत की स्वतंत्रता से पहले राष्ट्रपति भवन का नाम वायसराय हाउस हुआ करता था ! जब 1911 में अंग्रेजों ने यह तय किया कि अब भारत का राजधानी कोलकाता की जगह दिल्ली होगा !

उस समय वायसराय हाउस को नये तरह से डिज़ाइन करने के लिए महान वास्तुकार, एड्विन लैंडसियर लूट्यन्स को इंग्लैंड से भारत बुलाया था !

निर्माण कार्य का आरंभ 1912 में हुआ था जो पूरा 1929 में हुआ था ! लूट्यन्स ने गार्डन को बनाने के लिए श्रीनगर में निशात बाग और शालीमार बाग को देखने गये थे !

उसे मुगलों के बाग़वानी से लेकर कला-कृति का तरीका उसे काफी पसंद आया था ! लूट्यन्स द्वारा बनाया गया मुग़ल गार्डन में आज भी मुगलों के कलाकृति एवं बागवानी देखने को मिलता है ! इस लिए इसका नाम मुगल गार्डन पड़ा था !

भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद ने इस गार्डन को आम जनता के लिए खोलवाने का आदेश दिए थे ! तभी से हर साल वर्ष के मध्य फरवरी से लेकर मध्य मार्च के बीच में आम जनता के लिए यह गार्डन का दरवाज़ा खुलता है !

मुगल गार्डन में देखने लायक क्या है

राष्ट्रपति भवन के पीछे बने मुगल गार्डन 13 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है ! जिसकी लंबाई 200 मीटर है ! जबकि चौड़ाई 175 मीटर की है ! गार्डन को चार भागों में बांटा गया है - चतुर्भुज आकार, लम्बा उद्यान, पर्दा गार्डन और वृत्ताकार उद्यान !

क्या आप फूलों के शौकीन हैं ? भारत में इससे अच्छा कोई बाग़ नहीं मिलेगा ! भारत के किसी भी स्थान पर इतने सारे फूलों की बागवानी एक जगह पर नहीं होती है !

इस बगीचे में 3000 से ज्यादा फूलों के पौधे हैं ! 135 प्रकार के सिर्फ गुलाब के फूल हैं ! 33 जड़ी बूटी के पौधे और 300 बोनसाई है !

अगर आप जाएंगे तो आपको पछतावा नहीं होगा ! फूलों को देख कर आपका दिल बाग-बाग हो जाएगा ! पूरे परिवार के साथ एक बार मुगल गार्डन जा सकते हैं ! किसी प्रकार का एंट्री फीस नहीं लगता है !

क्या मुगल गार्डन के पास पार्किंग की व्यवस्था है

मुगल गार्डन के पास पार्किंग की व्यवस्था है ! बहुत दूर दराज से पर्यटक इस गार्डन को देखने के लिए आते हैं ! लाज़मी है कि गाड़ियों की संख्या बहुत ज्यादा होता है !

अगर आप देरी से पहुंचेंगे तो आपको पार्किंग काफी दूर मिल सकता है ! अगर आप दिल्ली के किसी भी क्षेत्र से वहां पर पहुंचना चाहते हैं तो आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन मेट्रो का हो सकता है !