अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति, अरुणाचल प्रदेश की राजधानी व जिले

About Author: M. S. Nashtar

Last Edited: 16 Nov 2019 11:50 PM

अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति

अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति विभिन्नताओं से भरा है जिसमें विभिन्न जनजातियों के लोग की विशिष्ट शैलियों से उनकी पहचान है जिसमें अलग अलग प्रकार की पगड़ी एवं परिधान होते हैं. यहाँ के सामाजिक जीवन में नृत्य, एक अभिन्न अंग माना जाता है. 

यहां पर तीन प्रमुख जनजातीय पर्व है जिसका नाम लोसर, मेपिन एवं सोलुंग है. मेपिन एवं सोलुंग को अदीस जनजातीय समूह इस त्यौहार को मनाते हैं. जबकि मोनपा के लोगों यह लोसर त्योहार मनाते हैं. इन सभी त्योहारों में जानवरों की बलि देने की प्रथा है. 

अलग-अलग जनजातियों के अलग-अलग भाषा एवं संस्कृति का संगम कहा जाता है. अरुणाचल प्रदेश को जहां पर प्राकृतिक पहाड़ों, वन्य जीव एवं झरनों के सौंदर्य देखने लायक बनता है. 

अलग-अलग जनजातियों के होते हुए भी आपसी भाईचारे की कोई कमी नहीं है और बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी इनका व्यवहार काफी अच्छा लगता है. 

अरुणाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों में शामिल है तवांग, आलोंग, जीरो, बोमडिला, पासीघाट आदि प्रमुख केंद्र हैं. प्रकृति को बहुत नजदीक से देखना चाहते हैं तो इस पर्यटक स्थल को आप चुन सकते हैं. 

अरुणाचल प्रदेश को उगते सूर्य का पर्वत क्यों कहाँ जाता है

भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र का सबसे बड़ा राज्य माना जाता है. जिसकी जनसंख्या 13,83,727 है. अरुणाचल प्रदेश को उगते सूर्य का पर्वत कहाँ जाता है क्योंकि अरुणाचल शब्द का अर्थ ही उगते सूर्य का पर्वत से है. 

अरुणाचल दो शब्दों के मेल से बना है जिसमें पहला शब्द अरुण है जिसका मतलब प्रातःकालीन सूर्य है और दूसरा शब्द अचल है जिसका मतलब पर्वत है. 

भौगोलिक दृष्टि से भी यह उगते सूर्य का पर्वत है क्योंकि यहाँ पर सूर्य का उदय सुबह 4:28 से होना शुरू हो जाता है. सर्दियों के मौसम में भी यहां पर सूर्य का उदय भारत के अन्य जगह की तुलना में सबसे पहले होता है. 

कैपिटल ऑफ अरुणाचल प्रदेश

कैपिटल ऑफ अरुणाचल प्रदेश को जानना चाहते हैं तो पहले आपको बता दूं कि अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर है. ईटानगर से नज़दीक बड़ा शहर गुवाहाटी है जो 317 किलोमीटर की दूरी पर है ! दोनों शहर रोडवेज से जुड़ा हुआ है. 

ईटानगर एक प्राकृतिक खूबसूरती वाला शहर है जो समुद्र के तल से 350 मीटर ऊपर है. यह शहर हिमालय के तराई में बसे होने के कारण पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है. 

इस शहर का सबसे पुराना किले का नाम ईटा किला है और इसी किले के नाम पर इस शहर का नाम रखा गया है. ईटा किला आज भी स्थित है, इसे बहुत सारे पर्यटक इसे देखने के लिए आते हैं. पौराणिक गंगा झील और बौद्ध मंदिर यहां का मुख्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है. 

अरुणाचल प्रदेश में कितने जिले हैं

अरुणाचल प्रदेश में कुल जिलों की संख्या 22 है. जबकि ईटानगर राजधानी परिसर को अभी भी जिले का दर्जा प्राप्त नहीं है. लेकिन गलती से लोग उसे जिला की गिनती कर लेते हैं तो जिलों की संख्या 23 हो जाती है जो कि गलत है. अक्टूबर 2017 तक, दो नए जिले बने हैं जिसका नाम लोअर सियांग और कमले हैं. 

  1. तवांग
  2. पश्चिम कामेंग व
  3. पूर्व कामेंग
  4. पापुम पारे
  5. कुरुगं कुमे
  6. करा दादी
  7. लोअर सुबानसिरी
  8. अपर सुबानसिरी
  9. पश्चिम सियांग
  10. पूर्वी सियांग
  11. सियांग
  12. अपर सियांग
  13. लोअर सियांग
  14. लोअर दिबांग घाटी
  15. अपर दिबांग घाटी
  16. अंजाव
  17. लोहित
  18. नामसाई
  19. चांगलांग
  20. तिरप
  21. लोंग्डिंग
  22. कमले

उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को अरुणाचल प्रदेश से संबंधित लेख अच्छा लगा होगा.