अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह की जानकारी

About Author: M. S. Nashtarkk

Last Edited: 09 Aug 2019 01:30 AM

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह

Andaman and Nicobar Island In Hindi

क्या आप भारत के केंद्र शासित प्रदेश अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह को प्रतियोगिता परीक्षा के लिए जानना चाहते हैं ! इस लेख में उन तथ्यों का ज्यादा ध्यान रखा गया है जिसे किसी ना किसी परीक्षा में पूछा जाता हो ! कृपया ध्यान से पढ़ें !

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है ! जिसका गठन 1 नवम्बर 1956 में हुआ था जो बंगाल की खाड़ी के दक्षिण में स्थित है !

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह का इतिहास

अंडमान निकोबार दीप समूह कभी काला पानी के नाम से मशहूर हुआ करता था ! अक्सर लोगों का प्रश्न होता है कि आज़दी के लड़ाई में भारत में सबसे पहले तिरंगा झंडा कहां फहराया गया था ?

भारत में सबसे पहले तिरंगा झंडा फहराने वाले का नाम नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ! उन्होंने 30 दिसंबर 1943 को अंडमान निकोबार दीप समूह में यह ऐतिहासिक कारनामा किया था !

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह का भूगोल

572 छोटे बड़े द्वीपों को मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है जो हिंद महासागर में स्थित है ! इन द्वीपों के उत्तरी क्षेत्र को अंडमान दीप समूह ! जबकि दक्षिणी क्षेत्र के द्वीपों निकोबार दीप समूह कहा जाता है !

इस केंद्र शासित प्रदेश को दक्षिण पूर्व एशिया का क्षेत्र माना जाता है और भौगोलिक दृष्टि से यह हिंद महासागर में स्थित है ! इस केंद्र शासित प्रदेश के पूर्व में अंडमान सागर एवं पश्चिम में बंगाल की खाड़ी है ! इस दीप समूह के दक्षिण में इंडोनेशिया है ! अंडमान सागर के उस पार थाईलैंड और म्यांमार नाम का देश है !

इस दीप समूह का क्षेत्रफल मात्र 8,249 किमी² है और जनसंख्या 3,80,581है ! इस केंद्र शासित प्रदेश का सबसे बड़ा शहर एवं राजधानी पोर्ट ब्लेयर है ।

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह का प्रशासनिक रूपरेखा

इस दीप समूह में कोई विधानसभा नहीं है ! यहां का मुख्य प्रशासक उपराज्यपाल होते है ! जिसका नाम जगदीश मुखी है ! इस केंद्र शासित प्रदेश में सिर्फ एक लोकसभा क्षेत्र है और इसका उच्च न्यायालय नाम कोलकाता उच्च न्यायालय है !

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह के जिले

अण्डमान व निकोबार द्वीपसमूह में कुल तीन जिले हैं जिसका नाम उत्तर और मध्य अण्डमान जिला, दक्षिण अण्डमान जिला और निकोबार जिला है !

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह के आकर्षण का केंद्र

इस दीप का सबसे चर्चित स्थान सेलुलर जेल है क्योंकि भारत के स्वतंत्रता सैनानियों यहीं पर बंदी बनाया गया था ! ताकि उनके बीच में आपसी मेल ना हो सके ! इस जेल का निर्माण 1897 में अंग्रेजों ने शुरू किया था !

सेलुलर जेल के आलावा कार्बिन-कोव्स रॉस द्वीप, सिंक व रेडस्किन द्वीप, बेरन द्वीप, डिगलीपुर और वाइपर द्वीप मुख्य आकर्षण के केंद्र हैं ! जो लोग प्रकृति को बहुत नजदीक से देखना चाहते हैं उनके लिए यह दुनिया का एक बेहतरीन स्थान है !

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह कैसे पहुंचे

जैसा कि आप जानते होंगे यह दीप भारत के किसी भी हिस्से से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ नहीं है ! यहां पर आपको जाने के लिए वायु मार्ग एवं जल मार्ग का चुनाव करना होगा !

पोर्ट ब्लेयर में एयरपोर्ट है जहां से आपको चेन्नई कोलकाता दिल्ली मुंबई एवं भुनेश्वर से सीधी फ्लाइट मिल जाएगा ! अगर आप जल मार्ग से जाना चाहते हैं तो आपको 2 से 3 दिन का समय लग सकता है ! पानी का जहाज़ से कोलकाता, चेन्नई और विशाखापट्टनम से पोर्ट ब्लेयर तक जाता है !

अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह का भाषा और संस्कृति 

मंगोली और नेग्रीटो जनजातियों के ज्यादातर आबादी है ! जो मूल रुप से आदिवासी हैं जो जानवरों का शिकार करना और मछली पकड़ना उनका मुख्य काम है ! पोर्ट ब्लेयर में हिंदी और अंग्रेजी भाषा को जानने वाले लोग आपको मिल जाएंगे ! लेकिन अन्य दीपों पर वहां का स्थानीय भाषा बोला जाता है !

यहां के स्थानीय लोग अपने प्रकृति से बहुत प्यार करते हैं और आने वाले पर्यटकों से यह उम्मीद करते हैं कि उसके प्रकृति को कोई खराब ना करें ! यहां पर बारिश ज्यादातर मई से लेकर दिसंबर के महीनों तक होती है