Kishanganj flood News

किशनगंज जिले में इतिहास का सबसे बड़ा बाढ़... 

Kishanganj flood News, किशनगंज बाढ़  समाचार

सातों प्रखंड पूरी तरह तबाह

मोबाइल बिजली सेवाएं ठप

किशनगंज समाचार सेक्सन 14 अगस्त 2017 - 1AM 

किशनगंज जिले में इससे पहले इतना बड़ा सैलाब कभी भी नहीं आया था ! लगातार 7 दिनों के बारिश ने हालात को गंभीर बना दिया है बचा कसर नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी में पूरा कर दिया ! किशनगंज का जिला मुख्यालय भी पूरी तरह बाढ़ के चपेट में है यहां पर लोगों के घरों में तीन से 7 फीट तक पानी है! किशनगंज में कोई स्थान खोजने से ही मिलेगा जहां पर बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा हो ! इस से पहले देखा गया है कि किशनगंज के दो-तीन प्रखंड में सैलाब ज्यादा होता था लेकिन इस बार सातों प्रखंड में सैलाब कहर बनकर आया है ! महानंदा, कनकई, बूढ़ीकनकई, रतुआ, मेची, और डोंक नदियों में बड़ा उफान देखा जा रहा है इससे पहले कभी भी इतना ज्यादा उफान नहीं देखा गया था ! जिले के लगभग सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहा है !

दिघलबैंक, टेढ़ागाछ, ठाकुरगंज, पोठिया, बहादुरगंज, कोचाधामन और किशनगंज प्रखंडों के लगभग सभी पंचायतों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है और लोगों का घर आंगन तालाब में तब्दील हो गया है !

जिले के मुख्य सड़कें टूट चुके हैं

  • हरूआडांगा से सिंघीमारी
  • सिंघीमारी से तालगाछ
  • टप्पू से नैनभिट्टा
  • हरूवाडांगा से दिघलबैंक
  • बहादुरगंज-लौचा,
  • बहादुरगंज-कटहलबाड़ी
  • बहादुरगंज-भौरादह
  • दिघलबैंक जिले से संपर्क टूट गया है
  • किशनगंज जिला मुख्यालय के रोड भी टूट चुके हैं!

आप अंदाजा इससे लगा सकते हैं पंचायतों और गांव के बीच जो सड़क है उसका क्या हाल हुआ होगा! किशनगंज जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली दालकोला मार्ग पर भी तीन से चार फीट जलजमाव देखा जा रहा है ! किशनगंज रेलवे स्टेशन पर भी भारी जल जमाव है !

सबसे ज्यादा प्रभावित प्रखंड

किशनगंज जिले में सबसे ज्यादा दिघलबैंक प्रखंड का है जिसका जिला मुख्यालय एवं अन्य प्रखंडों से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है ! लोगों के घरों के ऊपर से पानी बह रहा है लोग जान बचाने के लिए अपने घर छोड़कर ऊंचे स्थान पर जा रहे हैं !

बिजली एवं मोबाइल नेटवर्क

बिजली व्यवस्था लगभग पूरी तरह ठप है जिसके कारण लोग मोबाइल फोन चार्ज नहीं कर पा रहे हैं और मोबाइल नेटवर्क देने वाले टॉवरों को बिजली आपूर्ति नहीं होने की वजह से मोबाइल सेवा लगभग ठप हो चुका है या कुछ नेटवर्क काम कर रहे हैं तो उसमें बहुत ज्यादा कंजेशन है जिससे लोग फोन पर बात नहीं कर पा रहे हैं !

लोगों को नहीं मिल पा रहा है उचित सहायता 

मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण लोगों तक संपर्क नहीं हो पा रहा है और यह नहीं पता चल रहा है कि सैलाब का स्थिति कितना खतरनाक है ! मुख्य सड़कें लगभग टूट चुका है जिससे आवागमन में काफी परेशानी हो रही है और जिसके कारण राहत एवं बचाव कार्य भी नहीं हो पा रहा है !

एनडीआरएफ की टीम रवाना

सैलाब की भयावह स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ टीम रवाना हो चुका है और पहले से भी कुछ टीम पहुंचे हुए हैं जो लोगों को सहायता कर रहे हैं ! राष्ट्रीय मीडिया एवं लोकल मीडिया सैलाब की खबर को प्रमुखता नहीं दे रहे हैं जिससे सरकार को भी पता नहीं चल रहा है कि बाढ़ की स्थिति कितना खतरनाक है !

कितने लोगों की मौत

अभी तक अन्य सूत्रों से पता चला है कि 10 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं लेकिन सही अंदाजा अभी नहीं लगाया जा सकता क्योंकि बहुत सारे ऐसे दुर्लभ इलाके हैं जहां से कोई भी समाचार नहीं मिल पा रहा है !

कितना नुकसान

नुकसान का अंदाजा लगाना अभी बेईमानी होगा क्योंकि खेती पूरी तरह तबाह हो चुका है और यहां के किसानों को आने वाले 10 सालों तक उबर नहीं पाएंगे, रही बात घर गिरने और बाढ़ से तबाह होने वाले सड़कों की मरम्मत होने में काफी साल लग जाएगा !

KISHANGANJ flood 2017

राहत शिविरों का भारी कमी

आपको बता दूं किशनगंज जिला आबादी के हिसाब से घनी आबादी वाला जिला है ! एक पंचायत में या कहीं पर भी जो उचे स्थान है वहां पर आदमी पर आदमी खड़ा है ! जहां पर खड़ा रहने की जगह नहीं है लोग वहां पर खाने के बारे में क्या सोचेंगे! जानवरों और मवेशियों को लोगों ने छोड़ दिया है ज्यादातर मवेशियों बाढ़ में डूबकर बस चुके हैं ! नीचे से सैलाब का पानी ऊपर से बारिश का पानी लोग जाए तो जाए कहां, आसमान ही अब छत बन चुका है !

बुढ़ों और बच्चों को इलाज की जरूरत

4 दिनों के सैलाब ने बुढ़ों और बच्चों बीमार बना दिया है ! यहां के लोग चापाकल से पीने का पानी निकालते थे, वह चापाकल बाढ़ के पानी में डूब गया है जिससे लोग दूषित पानी पीने को मजबूर है! दूषित पानी पीने से दस्त उल्टी व हैजा जैसे रोग तेजी से बढ़ रहा है ! समय रहते अगर इलाज नहीं हुआ तो जिले में महामारी फैलने का डर है !

आपदा घोषित करने की जरूरत 

बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार को आपदा घोषित करनी चाहिए और जिले को सेना के हवाले करना चाहिए ऐसा मांग वहां के समाज सेवी संगठन कर रहे हैं ! बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए !

Latest updates 17 August 

ज्यादातर इलाकों से बाढ़ का पानी का स्तर घटने का समाचार आ रहा है ! 

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