नदियों के जलस्तर बढ़ने से सीमांचल वासियों की धड़कन तेज हो गई है

प्रमुख नदियों के  लगातार  जल स्तर में वृद्धि हो रही है  जिसमें  सबसे ज्यादा कनकई, महानंदा, दास और परमान शामिल है! सबसे ज्यादा प्रभावित जिले हैं पूर्णिया अरड़िया किशनगंज और कटिहार! भारी बारिश और नेपाल से छोड़े जा रहे हैं पानी से चारों तरफ जलमग्न हो गया है! प्रशासन से ना के बराबर मदद मिल रही है!

बहुत से लोगों के घर में पानी घुस गया है जिससे कि वह घर छोड़ने को मजबूर हैं ऐसे में लोग अपने घर छोड़कर दूसरे जगह पलायन कर रहे हैं!

पूर्णिया जिला में सबसे प्रभावित ब्लाक हैं अमौर एवं बैसा ! अररिया और किशनगंज के ज्यादातर ब्लॉक बाढ़ के चपेट में है जिस से किसानो को काफी नुकसान हो रहा है लोग परेशान हैं खाने पीने को लेकर!

बारिश है कि रुकने का नाम नहीं ले रहा है ऊपर से नेपाली पानी जोकि जल स्तर को बढ़ा रहा है अब नए इलाके में पानी आने का खतरा बढ़ गया है! कोई बड़े नेता ना आ रहे हैं या राष्ट्रीय मीडिया इस खबर को नहीं दिखा रहा है जिससे प्रशासन भी चुस्त नहीं है स्थिति और खराब हो सकती है!

अररिया को जोड़ने वाली सड़क भी खराब हो गया है जिससे की लोग जीरोमाइल से अररिया शहर काफी मुश्किल से पहुंच पा रहे हैं! कई गांव ऐसे हैं जिनका अपने ब्लॉक  से उनका संपर्क टूट गया है क्योंकि कहीं पर रोड टूट गया है तो कही पर पुल टूटा हुआ है जिससे लोगों को आने जाने में बहुत परेशानी हो रही है!

उन गांव के नाम है जहां की स्थिति बहुत खराब है

 

अमौर प्रखंड

दलमालपुर, धुरपैली, विष्णुपुर, सिमरबाडी़ खरहिया, तीयरपाड़ा, अधांग, बरबट्टा, झौवारी, बंगरा मंहदीपुर, बड़ा ईदगाह, मझवाहाट, मच्छट्टा एवं नितेन्द्रर पंचायत !

 

लोगों को डर सता रहा है कि पहले जैसा हालात पैदा ना हो जाए आपको बता दूं इससे पहले भी कई बार खतरनाक सैलाब आ चुका है जिससे जान माल दोनों की हानि हुई थी !