लोगों में मांग उठने लगी है सीमानचल बाढ़ क्षेत्र घोषित हो

By: M. S. Nashtar Last Edited: 26 Jul 2016 01:59 AM

क्या सीमानचल को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र करने चाहिए ?  जबकि लाखों लोग इसके चपेट में है! 

सीमांचल में बाढ़ और भयानक होता जा रहा है!  कहीं से भी पानी घटने की खबर नहीं आ रही है!  लोग अपने घर को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर हैं!  वहां पर सबसे बड़ी समस्या हो रही है खाने की, दवा की, और ऊपर से बारिश कम होने का नाम नहीं ले रहा है जिससे परेशानी और बढ़ गई है ! 

पूर्णिया के सबसे ज्यादा प्रभावित ब्लाक हैं अमौर बैसा  डगरूआ और बैसी! यहां पर प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है जिससे लोग काफी चिंतित हैं ! प्रशासन से मदद कम लोगों तक पहुंच पा रही है! 

अररिया जिला का भी हालात काफी गंभीर है यहां की सभी नदियों में जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है जिससे लोगों में भय का माहौल है और प्रशासन की भी मदद हर जगह नहीं पहुंच रही है! 

सबसे ज्यादा किशनगंज जिला सैलाब से प्रभावित हुआ है लगभग इसके हर ब्लॉक में सैलाब से तबाही मचा हुआ है

लोग अपने घरों को छोड़ कर सुरक्षित स्थान पर शरण लेने को मजबूर हैं वहां पर भी टेंट खाने के समान,  दवाई आदि की भारी कमी हो रही है यहां के कुछ लोकल लोग इनकी मदद में जुटे हैं! 

यहां के लोकल लीडर बाढ़ पीड़ित की सहायता में जुटे हुए हैं लेकिन अफसोस की बात यह है चुनावी मौसम में बड़े बड़े लीडर सीमांचल का दौरा करते हैं और अपनी पार्टी के लिए वोट मांगते हैं लेकिन  भयंकर सैलाब में कोई बडे़  लीडर अभी तक बयान तक नहीं आया है! 

आख़िर सीमांचल को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित करने में सरकार को इतनी देरी क्यों हो रही है और प्रशासन लोगो तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं ? ना ही राष्ट्रीय मीडिया इस खबर को दिखा रहे हैं!