केंद्र सरकार का आरक्षण

By: M. S. Nashtar Last Edited: 31 Aug 2018 01:52 AM

आरक्षण क्या है

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Reservation meaning in hindi यानी आरक्षण क्या है ! भारत में आरक्षण का इतिहास कितना पुराना है ? भारत में किस धर्म जाति समुदाय के लोगों को कितना आरक्षण है ? भारतीय आरक्षण प्रणाली पर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला कौन-कौन सा है, इन सभी प्रश्नों का अगर आप उत्तर जानना चाहते हैं तो कृपया लेख को अंत तक ज़रुर पढ़ें !

Reservation Meaning in Hindi

रिजर्वेशन अंग्रेजी भाषा का शब्द है इस शब्द का हिंदी में अर्थ आरक्षण है ! आरक्षण का अर्थ है किसी व्यक्ति विशेष के लिए स्थान को उसके लिए सुरक्षित करना होता है ! चाहे वह रियल के डब्बे का सीट हो या फिर नौकरी का स्थान हो, इसे आरक्षण कहते हैं !

जैसे उदाहरण के तौर पर लोकसभा का कोई क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के वर्ग के लोगों के लिए सुरक्षित रखा जाता है ! इसका मतलब यह हुआ कि इस सुरक्षित क्षेत्र से सिर्फ और सिर्फ अनुसूचित जनजाति के लोग ही चुनाव लड़ सकते हैं ! यह एक आरक्षण का उदाहरण है !

Aarakshan Kya Hai in Hindi 

सरकारी सेवाओं व संस्थानों में पर्याप्त भागीदारी नहीं रखने वाले पिछड़े जाति, समुदायों तथा अनुसूचित जातियों और जनजातियों को सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ेपन को दूर करने हेतु सरकार अपने कानून के तहत सरकारी तथा सार्वजनिक क्षेत्रों में आरक्षण देती है !

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के अनुसार समाज के पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण मुहैया कराता है ! केंद्र सरकार का आरक्षण प्रणाली इस प्रकार है -

  • अनुसूचित जाति (दलित) - 22.5%
  • अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) - 15%
  • ओबीसी - 27%
  • कुल प्रतिशत - 49.5%

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार अधिकतम आरक्षण की सीमा 50% है लेकिन कुछ राज्यों में यह सीमा 50 फ़ीसदी से ज्यादा है ! आरक्षित वर्ग के व्यक्तियों को भारत सरकार के नौकरी एवं शिक्षण संस्थाओं में 49.5% तक का आरक्षण प्राप्त है !

भारत में कितने प्रतिशत लोगों को आरक्षण नहीं है

भारत के कुल जनसंख्या का 76.4% लोगों को केंद्र सरकार से आरक्षण प्राप्त है सिर्फ 23.6 प्रतिशत लोगों को आरक्षण प्राप्त नहीं है !

मंडल आयोग के अनुसार भारत के कुल आबादी का लगभग 52 प्रतिशत लोगों को ओबीसी का आरक्षण प्राप्त है जबकि जनगणना के अनुसार 24.4 प्रतिशत लोगों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति तौर पर आरक्षण प्राप्त है ! एक आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2006 में ओबीसी कोटा के तहत पिछड़ी जातियों की संख्या 5,013 है ! 

भारत में आरक्षण का इतिहास

भारत में आरक्षण का इतिहास आज़ादी से पहले से ही है, छत्रपति साहूजी महाराज ने 1902 में महाराष्ट्र के कोल्हापुर में आरक्षण का शुरूआत किया था !

आज़ादी के बाद, भारतीय संविधान में आरक्षण का प्रावधान किया गया था ! जिसमें राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए 10 वर्षों के लिए आरक्षण दिया गया था !

आज, भारत की संसद में 543 सीटों में से 84 (15.47%) अनुसूचित जाति / दलितों के लिए आरक्षित हैं और एसटी / जनजातियों के लिए 47 (8.66%) हैं।

1953 में कालेलकर आयोग गठन किया गया था, कमेटी का मुख्य काम था कि वह सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग की स्थिति का मूल्यांकन करें ! OBC शब्द का जन्म भी इसी कमेटी से हुआ था और ओबीसी से संबंधित सिफारिशों को सरकार ने अस्वीकार किया था ! लेकिन अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति से संबंधित सभी सिफारिशों को सरकार ने स्वीकार किया था !

1979 में सामाजिक व शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग की स्थिति के मूल्यांकन करने के लिए मंडल आयोग का गठन हुआ था! 1990 में मंडल आयोग की सिफारिशों को तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने सरकारी नौकरियों में लागू किया था !

2006- से केंद्रीय सरकार के शैक्षिक संस्थानों में अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण शुरू हुआ। कुल आरक्षण 49.5% तक चला गया। हाल के विकास भी देखें.

आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

1992 में सुप्रीम कोर्ट ने 50 प्रतिशत की सीमा के अंदर आरक्षण देने का निर्देश दिया था ! इसमें साफ-साफ कहा गया था कि आरक्षण की सीमा 50% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए ! भारत के कुछ राज्यों को छोड़कर (जैसे तमिलनाडु) बाकी सभी राज्यों में 50 सीमा लागू है !

2008 मे सर्वोच्च न्यायालय ने सरकारी धन से पोषित संस्थानों में 27% ओबीसी कोटा सही बताया था !

2018 में सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति अपने राज्य में एससी-एसटी सूची में शामिल व्यक्ति दूसरे राज्य की सरकारी नौकरी में एससी-एसटी के आरक्षण का लाभ नहीं प्राप्त कर सकता है ! दिल्ली में सरकारी नौकरी करने वालों को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति से संबंधित आरक्षण केंद्रीय सूची के हिसाब से मिलेगा।

दोस्तों, उम्मीद करता हूं कि आपको आरक्षण क्या है, भारत में आरक्षण का इतिहास और आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला से संबंधित लेख पसंद आया होगा ! अन्य संबंधित लेख के लिंक नीचे दिए गए हैं, कृपया इसे भी एक बार ज़रूर पढ़ें !