Vasant Panchami in Hindi  

सरस्वती पूजा कब है : पीले रंगों का महत्व क्यों है, वसंत पंचमी 2018 | Vasant Panchami in Hindi

वसंत पंचमी 2019

पीले रंगों का महत्व क्यों है

वसंत पंचमी को श्रीपंचमी और सरस्वती पूजा नाम से भी लोग जानते हैं क्योंकि विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। हिन्दू धर्म के मानने वाले वसंत पंचमी में, विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा की करते है ! स्वाभाविक है की इस में सभी पढ़ने वाले विद्यार्थी एवं शिक्षा के पुजारी, माँ सरस्वती की पूजा अर्चना करते हैं। इस पूजा में स्त्रियाँ पीले रंगों के वस्त्र पहनती हैं !

वसंत के मौसम में फूलों पर बहार आ जाती है, खेतों में सरसों के फूल, गेहूँ की बालियाँ, आम के पेड़ों पर बौर आने लगता है और चारों दिशाओं में रंग-बिरंगी तितलियाँ मँडराने लगती है ! चारों तरफ पृथ्वी पर पीले रंगों का फिर से आगमन होता है, इसके स्वरूप इस त्यौहार में न केवल पीले रंग के वस्त्र पहने जाते हैं, यहां तक कि खाने की चीजों में भी पीले चावल, लड्डू व केसर युक्त खीर का खाने में प्रयोग किया जाता है !

एक -दूसरे के माथे पर चंदन या हल्दी का तिलक लगाकर पूजा की शुरूआत करते हैं ! प्रकृति के पीले-सुनहरे रंगों के साथ हमारी उपयोग में पीले रंग से सब कुछ पीला दिखाई देने लगता है ! हिंदू धर्म में पीले रंग को काफी शुभ रंग माना जाता है !

सरस्वती पूजा कब है

बसंत पंचमी कब है

माघ महीने के पाँचवे दिन वसंत ऋतु का आगमन होता है और माघ महीने के पाँचवे दिन सन 2018 में 22 जनवरी दिन सोमवार को है ! बसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त 07:17 से 12:32 बजे तक रहेगा और पंचमी की तिथि 15:33 बजे से (21 जनवरी 2018) से 16:24 बजे (22 जनवरी 2018) तक रहेगा !

 

बड़े त्यौहार की तिथि 2028 तक