महान पद्मश्री फणीश्वरनाथ रेणु जी का जीवन-कथा | Phanishwar Nath Renu Araria

Phanishwar Nath Renu Stories in Hindi

महान पद्मश्री फणीश्वरनाथ रेणु जी का जीवन-कथा

Phanishwar Nath Renu Stories in Hindi 

महान पद्मश्री फणीश्वरनाथ रेणु जी का जन्म 4 मार्च 1921, औराही हिंगना, अररिया, बिहार में  हुआ था. श्री रेणु हिंदी भाषा के महान साहित्यकार रहे हैं उनकी रचनाएं पूरे दुनिया में प्रसिद्ध है. समाजिक परिवर्तन हेतु 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन से लेकर 1974 के जेपी आंदोलन तक अपने जीवन को समर्पित किया था. नेपाल के स्वतंत्रता संग्राम में भी उन का अहम योगदान रहा है.

आज के समय में भी 10,000 से ज्यादा लोग हर महीने उसे google पर सर्च करते हैं, तो आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं आज भी हमारे बीच श्री रेणु की रचनाएं जीवित हैं और हम उसको आज भी याद करते हैं. उनका निधन निधन 11 अप्रैल 1977 में हुआ था. महान काम करने के लिए श्री रेणु को भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया था. भारतीय डाक अपने डाक टिकट पर उनका फोटो और नाम जारी करने वाला है. पूर्णिया प्रमंडल के लोगों के लिए एक गर्व की बात है कि एक महान साहित्यकार एवं स्वतंत्रता सेनानी हमारे बीच से ही थे.

फणीश्वरनाथ रेणु प्रमुख कृतियाँ

उपन्यास

  • मैला आँचल
  • परती परिकथा
  • जुलूस
  • दीर्घतपा
  • कितने चौराहे
  • पलटू बाबू रोड

कहानी संग्रह

  • एक आदिम
  • रात्रि की महक
  • ठुमरी
  • अगिनखोर
  • अच्छे आदमी

संस्मरण

  • ऋणजल-धनजल
  • श्रुत अश्रुत पूर्वे
  • आत्म परिचय
  • वनतुलसी की गंध
  • समय की शिला पर

रिपोर्ताज : नेपाली क्रांतिकथा

ग्रंथावली : फणीश्वरनाथ रेणु ग्रंथावली

 

पूर्णिया यूनिवर्सिटी इन दिनों  फिर चर्चा में है, क्लिक करें! 

 

समाचार व जानकारी जिसका आपके जिंदगी से है सीधे सरोकार, अपने मनपसंद का टॉपिक पर क्लिक करें !

भारत : शिक्षा : स्वास्थ्य : नौकरी : खेती-बाड़ी 

पूंजी व वित्त और व्यापार : सरकारी योजना

स्पोर्ट्स - क्रिकेट : गैजेट और विज्ञान

क्लासिफाइड - फ्री प्रचार : सोशल डायरेक्टरी 

मैट्रिमोनियल - शादी विवाह : मनोरंजन और फिल्मी समाचार

बिहार : पूर्णियाँ : कटिहार : अररिया : किशनगंज

ताजातरीन खबरों और बेहतरीन जानकारी के लिए होम पेज पर क्लिक करें  : Home page