पिता की संपत्ति में बेटियों को - बेटों से आधा, पर आधा भी नहीं मिलता - क्या है इस्लामिक कानून

By: Noor Alam Last Edited: 07 Mar 2019 02:03 AM

पिता की संपत्ति में बेटियों को - बेटों से आधा, पर आधा भी नहीं मिलता - क्या है इस्लामिक कानून

बीएमएमए के एक अध्ययन पता चला है कि

82% मुस्लिम महिलाओं के पास कोई संपत्ति नहीं है।

टेनेसी विलियम्स के अनुसार - आप पैसे के बिना युवा हो सकते हैं, लेकिन आप पैसे के बिना बूढ़े नहीं हो सकते हैं ! इन बातों का कई मतलब निकलता है !

वकालत समूह भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन (बीएमएमए) द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि उत्तर प्रदेश में  82 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं के पास किसी प्रकार कोई संपत्ति नहीं है। जबकि बिहार और बंगाल की मुस्लिम महिलाओं की समस्या और भी खतरनाक है !

मुस्लिम महिलाओं के पास संपत्ति का नहीं होना इसके लिए सरकार से ज्यादा जिम्मेदार उनका परिवार है, ऐसा अध्ययन से पता चलता है !

क्या है इस्लामिक कानून महिलाओं की संपत्ति के लिए  

पिता की संपत्ति में बेटों के मुकाबले में बेटियों को आधा हिस्सा ही मिलता है जबकि वह भी लड़को के तरह इंसान है !

मुस्लिम महिलाओं को संपत्ति अपने माता-पिता, पति एवं अपने संतान से भी है लेकिन हर किसी के लिए अलग-अलग कंडीशन है!

पत्नी के रूप में - यदि पति किसी बच्चे के बिना मर जाता है, तो पत्नी को कुल संपत्ति का 1/4 हिस्सा मिलता है जबकि उसके पास बच्चे थे, तो पत्नी को 1/8 मिलेगा। यदि पुरुष ने एक से ज्यादा शादी किया हो तो ऐसे में यह हिस्सा बीवियों की संख्या के हिसाब से विभाजित हो जाता है! यानी कि यह कह सकते हैं कि अगर पति के मरने के बाद दो बीवियां हैं तो दोनों में बराबर विभाजित हो जाएगा ! सलीम के पास दो बेटे हैं और दो बेटियां हैं उनके साथ दो बीवियां हैं, और उनकी मौत के बाद आठ लाख रुपया उसे मुआवजे के तौर पर मिला! बीवियों के हिस्से में एक लाख रुपए आएगा, एक लाख रुपया में दोनों बीबियां बराबर की हकदार होंगी !

बेटी के रूप में - यदि मृतक की दो बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं है, तो वे कुल संपत्ति का 2 / 3rd बेटियां प्राप्त कर सकेंगी  यदि केवल एक बेटी और कोई बेटा नहीं है, तो उसे ½ संपत्ति मिलेगा ! यदि मृतक के बेटे हैं तो बेटियों को उसका आधा हिस्सा मिलेगा ! मृतक माता या पिता दोनों में से कोई हो सकती है

माता के रूप में - यदि मृतक के बच्चे हैं, तो माता को संपत्ति 1/6 हिस्सा मिलेगा ! यदि मृतक के पास कोई पति या पत्नी नहीं है, तो मां को 1 / 3rd मिलेगा और पिता 2 / 3rd मिलेगा। यदि मृतक के भाई बहन हैं, तो मां को 1/6 हिस्सा मिलेगा।

इन तरीकों के अलावा भी हैं जिनसे मुस्लिम महिलाओं को संपत्ति मिलता है !

मेहर - धन या संपत्ति है जो एक पत्नी को शादी के समय अपने पति से मिलने का हकदार होती हैं !

वसीयत - एक मुसलमान अपनी इच्छा के माध्यम से अपनी कुल संपत्ति का एक तिहाई से अधिक हिस्सा नहीं दे सकता है। ऐसी परिस्थितियों में जहां कानून द्वारा निर्धारित संपत्ति में कोई वारिस नहीं हैं, पत्नी की इच्छा से अधिक राशि प्राप्त हो सकती है
हिबा (उपहार) - मुस्लिम कानून के तहत, किसी प्रकार की संपत्ति को उपहार के रूप में दिया जा सकता है !

क्यों है मुस्लिम महिलाएं बिना प्रॉपर्टी के जीने के लिए मजबूर

जब एक महिला बेटी होती है तो उसका उम्मीद अपने पिता से होता है लेकिन वह पिता पुरुष प्रधान दकियानूसी के चलते हैं अपने संपत्ति को अपने बेटे के हवाले कर जाता है जो एक गुनाहे कबीरा भी है ! बेटी जानवरों की तरह जिंदगी बताती है जबकि उसका पिता जहन्नम पूरा हकदार बन जाता है !

जब महिलाएं एक पत्नी होती है तो उसका उम्मीद अपने पति से होता है उनके पति को यह लगता है कि जब उनके पिता ने उसे कोई संपत्ति नहीं दिया तो हम क्यों दें ! पत्नी के पति सोचते हैं कि क्यों ना मैं भी पूरा जायदाद अपने बेटों के नाम कर दूं !

जब महिला मां होती है तो उनको अपने बच्चों से उम्मीद होती है लेकिन वह शादी करके अपने नए जिंदगी में मशगूल हो जाते हैं हां अगर उनके औलाद की मौत हो जाए उनकी मां को सही-सही प्रॉपर्टी मिल सकता है लेकिन अगर मरने वाले ने अपनी सारी प्रॉपर्टी अपने बेटों के नाम कर दी तो ऐसे में सवाल उठता है कि उनका बेटियों, बीवी एवं माता-पिता का क्या होगा ?

बेटों को प्रॉपर्टी देने की मानसिकता

मुस्लिम समाज का सबसे घिनौना सच है कि अपनी प्रोपर्टी बेटों के नाम ट्रांसफर कर देते हैं, ज्यादातर केस में देखा गया है कि बेटे माता-पिता पिता को लात मारकर भगा भी देते हैं पर बेटियां बिना प्रॉपर्टी लिए हुए भी ऐसा कभी नहीं करती हैं !

यह तो जगजाहिर है कि मुस्लिम महिला शिक्षा के क्षेत्र में बहुत पीछे हैं और उसे नौकरी भी नहीं मिलता है ! इस्लामिक कानून के तहत भी वह घर से बाहर नहीं जा सकती है पर बीते समय के बाद देखा जा रहा है कि कुछ महिलाएं घर से बाहर जा रही है शिक्षा व नौकरी की तलाश में, अब सरकार को सोचना पड़ेगा मुस्लिम महिला के बारे में ! तभी जाकर बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान को सफलता मिलेगा तभी अपना भारत पूरा होगा !

टेनेसी विलियम्स विलियम ने बिल्कुल सही कहा है आप बिना पैसे के तो जवान रह सकते हैं लेकिन आप बूढ़े नहीं हो सकते क्योंकि उससे पहले ही बिना पैसे के , आपकी मौत हो सकती है! पिता की संपत्ति में बेटों के समान बेटियों को भी, समान अधिकार मिलना चाहिए इस बाबत सरकार को कानून में सुधार करने की आवश्यकता हो सकती है !