सचिन तेंदुलकर का पहला मैच, पूरा मैच का अपडेट

About Author: A kabir

Last Edited: 07 Aug 2019 03:17 PM

सचिन तेंदुलकर का पहला मैच कराची में था ! जो पाकिस्तान के विरुद्ध था ! क्रिकेट इतिहास का सबसे ज्यादा यादगार दिन 15 नवंबर 1989 का था , इसी दिन श्री तेंदुलकर ने पहला टेस्ट खेला था !

सचिन का पहला टेस्ट, कराची पाकिस्तान

पाकिस्तान की पहली पारी

श्रीकांत और इमरान खान के बीच में टॉस हुआ था इमरान खान ने टॉस जीता और बल्लेबाजी करने का फैसला लिया ! जब भारत के 11 खिलाड़ी फील्डिंग करने फील्ड पर उतरे तो वहां पर एक छोटा सा लड़का दिखा जो मोहम्मद अजहरुद्दीन के साथ फील्डिंग करने आ रहा था वह लड़का कोई और नहीं सचिन तेंदुलकर था !

दुनिया ने पहली बार सचिन तेंदुलकर फील्डिंग करते हुए देखा था उन्होंने उस पारी में एक ओवर का बोलिंग किया था जिसमें उन्होंने 10 रन दिए थे ! इस मैच में पाकिस्तान की पूरी टीम 409 रन बनाकर आउट हो गया था !

भारत की पहली पारी

पारी की शुरुआत करने पहुंचे श्रीकांत जल्दी ही आउट हो गये थे, भारत पहली पारी में सिर्फ 262 रन ही बना पाया था इसमें सचिन तेंदुलकर ने दो चौकों की मदद से 15 रन बनाए थे ! प्रभाकर के आउट होने के बाद छठे नंबर पर बैटिंग करने आए थे!

सचिन ने 24 बॉलो का सामना किया जिसमें एक ओवर वकार यूनुस का था, उसी शाम वकार यूनुस अपने इंटरव्यू में कहा था कि यह लड़का क्रिकेट में आगे जाएगा !

सचिन तेंदुलकर अजहरुद्दीन के साथ 32 रनों की साझेदारी की थी, अजहरुद्दीन सचिन की शार्ट को देखकर हैरान थे ! सचिन तेंदुलकर को पहली बार आउट करने का श्रेय पाकिस्तानी बॉलर वकार युनूस हो जाता है !

पाकिस्तान की दूसरी पारी

पाकिस्तान दूसरी पारी में 5 विकेट पर 305 रन बनाकर पारी डिक्लियर कर दिया था जिसमें तेंदुलकर ने 4 ओवरों की बोलिंग किया था जिसमें उन्होंने 15 रन पर खर्च किए थे !

भारत की दूसरी पारी

भारत दूसरी पारी में मजबूती से पाकिस्तान को जवाब दिया भारत 303 रन बनाएं सिर्फ तीन विकेट पर, अंत: मैच का फैसला नहीं हो पाया, सचिन का पहला टेस्ट मैच ड्रा घोषित किया गया !

सचिन तेंदुलकर का पहला मैच इन बड़े खिलाड़ियों के साथ रहा

भारत

  • कपिल देव
  • अजहरुद्दीन
  • श्रीकांत
  • सिद्धू
  • संजय मांजरेकर
  • प्रभाकर रवि शास्त्री

पाकिस्तान

  • इमरान खान
  • वसीम अकरम
  • वकार यूनुस
  • जावेद मियांदाद
  • सलीम मलिक और
  • अब्दुल कादिर

सचिन तेंदुलकर का पहला मैच युवा प्रेरणा ले सकते क्योंकि एक 16 साल का साधारण लड़का इन बड़े क्रिकेटरों के साथ ऐसे मैच खेला मानो कि वह एक सीनियर खिलाड़ी था ! चोट लगने पर भी उसने दर्द होने का एहसास नहीं किया और वह खेलते रहे और क्रिकेट के भगवान बन गये